Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है, और इस संघर्ष का असर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर चला एक विशाल टैंकर सभी जोखिमों को पार करते हुए सुरक्षित रूप से मुंबई तट पर पहुंच गया है। इस मिशन की सफलता का श्रेय जहाज के कैप्टन की सूझबूझ और रणनीतिक फैसलों को दिया जा रहा है।
खतरनाक जलमार्ग से गुजरा टैंकर
लाइबेरिया के झंडे वाला विशाल तेल टैंकर शेनलॉन्ग (Suezmax) करीब 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। उस समय हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां और हमलों की आशंका लगातार बढ़ रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इस क्षेत्र में कई तेल टैंकरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर खतरा मंडरा रहा था।
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ऐसे तनावपूर्ण हालात में जहाज के कैप्टन ने जोखिम कम करने के लिए एक अहम फैसला लिया। उन्होंने टैंकर का AIS (Automatic Identification System) यानी ट्रैकिंग सिस्टम अस्थायी रूप से बंद कर दिया, ताकि जहाज की लोकेशन सार्वजनिक रूप से ट्रैक न की जा सके और संभावित हमलों से बचा जा सके।
कुछ दिनों तक गायब रहा जहाज
सुरक्षा कारणों से जहाज कई दिनों तक ट्रैकिंग सिस्टम से गायब रहा। बाद में 9 मार्च को यह दोबारा ट्रैकिंग नेटवर्क पर दिखाई दिया। इसके बाद जहाज ने बिना किसी हमले के सुरक्षित यात्रा जारी रखी और अंततः 11 मार्च को मुंबई तट पर पहुंच गया।
भारत के लिए राहत की खबर
एथेंस स्थित डायनाकोम टैंकर मैनेजमेंट द्वारा संचालित यह जहाज युद्ध प्रभावित हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचने वाला पहला बड़ा तेल टैंकर माना जा रहा है। मुंबई पहुंचने के बाद यह टैंकर पूर्वी मुंबई के माहुल क्षेत्र स्थित रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति करेगा।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह सफल शिपमेंट भारत के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हॉर्मुज मार्ग पर हमले बढ़ते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में इस टैंकर का सुरक्षित पहुंचना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।
वैश्विक बाजार की नजरें हॉर्मुज पर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से हर दिन बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। यदि यहां तनाव और बढ़ता है तो इसका असर न केवल तेल की कीमतों पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

