नेशनल डेस्क : देश में पिछले कुछ वर्षों में हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। इनका मुख्य उद्देश्य लंबी दूरी को कम समय में तय करना और यातायात को सुगम बनाना है। हालांकि, इन आधुनिक सड़कों पर हर तरह के वाहन चलाने की अनुमति नहीं होती। खासकर दोपहिया वाहनों के लिए कई एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
क्यों लगाया गया है प्रतिबंध?
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, एक्सप्रेसवे को तेज रफ्तार वाहनों के लिए तैयार किया जाता है। यहां वाहनों की स्पीड सामान्य सड़कों की तुलना में काफी अधिक होती है। ऐसे में धीमी गति वाले वाहन, जैसे बाइक या स्कूटर, दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसी वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
किन प्रमुख एक्सप्रेसवे पर बाइक बैन है?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
इस मार्ग के कुछ हिस्सों, खासकर एलिवेटेड सेक्शन पर, बाइक, ऑटो और अन्य धीमी गति वाले वाहनों की एंट्री पर रोक है। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल इस हाईवे पर दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। यहां तेज स्पीड लिमिट के कारण बाइक चलाना जोखिम भरा माना जाता है।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे पर भी बाइक ले जाना प्रतिबंधित है। अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
यहां भी दोपहिया वाहनों की एंट्री पर रोक है। नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।
दिल्ली-गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे
इन व्यस्त मार्गों पर भी बाइक चलाने की अनुमति नहीं है और पकड़े जाने पर चालान या अन्य कार्रवाई हो सकती है।
अन्य एक्सप्रेसवे भी शामिल
इसके अलावा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और कुछ अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर पर भी बाइक प्रतिबंधित है।
नियम तोड़ने के परिणाम
अगर कोई व्यक्ति इन एक्सप्रेसवे पर बाइक लेकर जाता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। कुछ मामलों में वाहन जब्त भी किया जा सकता है।
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