चंडीगढ़। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) में छात्रों को दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई होना निश्चित है। इसके लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय ने अंतिम मौका दिया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि 21 मई तक आरटीई एडमिशन पोर्टल पर छात्रों के दाखिले की स्थिति अपडेट करें। ऐसा नहीं करने वाले स्कूलाें पर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो स्कूलों की मान्यता भी कैंसल की जा सकती है।
कई स्कूलों में सत्यापन अभी लंबित
इससे पहले 30 अप्रैल और पांच मई को भी निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए थे। विभाग ने नौ मई तक एडमिशन स्टेटस अपडेट करने की हामी भरी थी, लेकिन कई निजी स्कूलों ने पोर्टल पर छात्रों के दाखिले की स्थिति अपडेट नहीं किया। कई स्कूलों में अब भी दाखिला रिकॉर्ड सत्यापन लंबित है और अनेक स्कूलों ने अलॉट किए छात्रों का स्टेटस तक अपडेट नहीं किया। इस स्थिति को विभाग ने असंतोषजनक बताया है। निदेशालय ने साफ कर दिया है कि 21 मई तक हर हाल में सभी निजी स्कूलों को प्रत्येक छात्र का स्टेटस पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
विभाग को देनी होगी पूरी जानकारी
इसमें एडमिशन स्वीकार या अस्वीकार करने का कारण भी बताना होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही को आरटीई एक्ट 2009 की धारा 12(1)(सी) और 13 का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में स्कूलों की मान्यता वापस लेने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) और ब्लाक स्तर की आरटीई मानिटरिंग कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों की निगरानी करें और लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करें। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के समाधान पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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