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भूकंप के तेज झटके से हिली कोलकाता की धरती, डर के मारे घरों से भागे लोग… मची अफरा-तफरी

Strong earthquake jolts Kolkata

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आसपास के जिलों में दोपहर करीब 1:22 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इन झटकों के बाद लोग डर के मारे अपने-घरों और ऑफिस से बाहर निकल गए। भूकंप के तेज झटकों के बाद लोगों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि अभी तक जान-माल के बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है।

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक रहे। इससे शहर के कई हिस्सों में लोगों में घबराहट फैल गई। लोग एहतियात के तौर पर ऑफिस और बिल्डिंग से बाहर निकल आए। कोलकाता में भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई है। इसका केंद्र शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर था। जिन जिलों में भूकंप का असर सबसे ज्यादा महसूस किया गया, उनमें दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी मिदनापुर और पश्चिमी मिदनापुर शामिल थे।

कोलकाता में एक स्थानीय लड़की ने कहा, “हम अपने सोफे पर बैठे थे, तभी हमें अचानक झटके महसूस हुए। हम अपने घर से बाहर भागे। सोफा और पंखा हिल रहे थे, टेबल पर रखी एक बोतल नीचे गिर गई। हम सब नीचे भागे।” इससे पहले, 3 फरवरी को रात 9:05 बजे कोलकाता का एक बड़ा इलाका भूकंप के बाद हिल गया था। भूकंप के झटके करीब 15 सेकंड तक महसूस किए गए। शुरू में बताया गया कि भूकंप का सोर्स म्यांमार था।

भूकंप क्या होता है?

भूकंप (Earthquake) धरती के अंदर अचानक ऊर्जा निकलने से पैदा होने वाला कंपन है। जब जमीन हिलती है, इमारतें कांपती हैं या जमीन में दरारें पड़ती हैं, तो उसे भूकंप कहते हैं।

भूकंप क्यों आता है?

पृथ्वी की ऊपरी सतह कई बड़े-बड़े टुकड़ों में बंटी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेटें कहा जाता है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीरे-धीरे (साल में कुछ सेंटीमीटर) खिसकती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक प्लेट दूसरी के नीचे घुसती है, या प्लेटें एक-दूसरे के पास से रगड़ खाते हुए गुजरती हैं, तो उनके बीच दबाव (प्रेशर) बनता रहता है। जब यह दबाव अचानक टूटकर बाहर निकलता है, तो ऊर्जा तरंगों के रूप में फैलती है यही भूकंप होता है।

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