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NEET पेपर लीक होने के बाद छात्रा भाग्यश्री ने किया सुसाइड, पिता का आया बयान

Student Bhagyashree suicide

NEET Student Suicide News: देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर चल रहे विवाद और तनाव के बीच कर्नाटक से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहां, कर्नाटक के कलाबुर्गी जिले में एक होनहार छात्रा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक छात्रा की पहचान भाग्यश्री पाटिल के रूप में हुई है। भाग्यश्री पढ़ाई में काफी तेज थी और उसने हाल ही में घोषित हुए 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिवार और रिश्तेदारों को उससे बड़ी उम्मीदें थीं और वह खुद भी डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।

डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी भाग्यश्री
जानकारी के मुताबिक, 12वीं में शानदार नंबर आने के बाद भाग्यश्री पूरी मेहनत के साथ NEET परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। उसका लक्ष्य किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना था। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह काफी तनाव में रहने लगी थी। वह पढ़ाई और परीक्षा को लेकर लगातार चिंतित दिखाई दे रही थी। घरवालों को अंदाजा नहीं था कि वह अंदर ही अंदर इतना टूट चुकी है।

पिता बोले- पेपर लीक की खबरों से परेशान थी बेटी
भाग्यश्री के पिता राजशेखर पाटिल ने बताया कि उनकी बेटी हाल के दिनों में मानसिक रूप से काफी परेशान थी। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी की खबरों ने भाग्यश्री को अंदर तक झकझोर दिया था। पिता के अनुसार, भाग्यश्री को लगने लगा था कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। वह बार-बार परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताती थी और भविष्य को लेकर डर महसूस कर रही थी।

हालांकि, पिता ने पुलिस में दी गई अपनी आधिकारिक शिकायत में किसी व्यक्ति या संस्था को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।

जांच में जुटी पुलिस टीम
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के आत्महत्या करने के पीछे की असली वजहों का पता लगाया जा रहा है। परिवार के बयान और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं, यह मामला एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस का कारण बन गया है।

छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव बना चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव छात्रों पर कितना भारी पड़ रहा है। मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और विवादों की खबरें उनका मनोबल तोड़ देती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तनाव, भविष्य की चिंता और सफलता का दबाव कई छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर बना देता है। ऐसे समय में परिवार और समाज को बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है।

 

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