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Haryana : Hisar में छात्र हित महापंचायत, उठने लगे मुद्दे, दिखा एकता का दम, इनका भी मिला साथ

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हिसार। जिंदल सिटी के क्रांतिमान पार्क में आयोजित छात्र हित महापंचायत में युवा पहुंचने लगे हैं। छात्र संगठनों की ओर से ये महापंचायत हो रही है। इसमें छात्र संगठनों के अलावा खाप प्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी रहेंगे।

छात्र चुनाव पर हो सकती है चर्चा

माना जा रहा है कि इस महापंचायत में छात्र चुनाव बहाल करने पर चर्चा हो सकती है। इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि महापंचायत का मकसद कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र हितों के साथ किए जा रहे कुठाराघात के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। ये भी कहा कि इसे राजनीतिक रूप दिया जा रहा है। जबकि ऐसा नहीं है। इसके आयोजक छात्र संगठन ही हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस महापंचायत में छात्र संघ चुनाव बहाली पर भी चर्चा की जाएगी। इनसो ने जीजेयू में छात्र संवाद की अनुमति मांगी थी, मगर प्रशासन ने नहीं दी।

छात्रों को अपराधियों की तरह उठाया

इनसो के कार्यकर्ता जब कुलपति से मिलने गए तो उन पर एफआईआर जिन धाराओं के तहत दर्ज हुईं, वो संगीन नहीं थी। उन धाराओं में कहा गया कि दो गमले तोड़े गए। कुलपति के कहने पर टीमें गठित की गईं और छात्र नेताओं को इस तरह से उठाया गया जैसे अपराधी हों। इस समय छह लोगों को रात को गन प्वाइंट पर उठाया। एक वीडियो भी आया कि एक सीआईए का इंस्पेक्टर एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के घर पिस्तौल को लोड करके घुसता है। ये सिर्फ दशहत पैदा करने के लिए था। इन छह लोगों में से 5 लोगों का एफआईआर में नाम भी नहीं था। जिनके नाम एफआईआर में थे और जब वे गिरफ्तारी देने पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार करने से मना कर दिया।

महापंचायत में मिला किनका साथ

इस महापंचायत में प्रदेश के कई संगठन शामिल हुए। इनमें सांसद चंद्रशेखर आजाद, हरेंद्र सिंह मलिक, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, राजा वडिंग, कुमारी सैलजा, चौधरी बीरेंद्र सिंह, कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया, भरत सिंह बेनीवाल, इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, अशोक अरोड़ा, रामकरण काला, अकरम खान और इनेलो नेत्री सुनैना चौटाला ने महापंचायत का समर्थन करते हुए सीबीआइ पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है।

कुरुक्षेत्र में भी छोटे मामले को बनाया बवाल

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रकरण में कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी एक संवाद कार्यक्रम हुआ और वहां के कुलपति ने कहा कि कार्यक्रम में कुर्सियां टूटीं। इस पर हमने कहा कि हम उन कुर्सियों का नुकसान भर देंगे। सरकार के छात्र संगठन एबीवीपी ने विरोध किया। एबीवीपी के कार्यकर्ता कुलपति के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे, जिनका कुलपति गुलदस्ता देकर स्वागत करता है। विश्वविद्यालय का सीएसओ एबीवीपी का प्रांत उपाध्यक्ष है। वहां भी कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। पहले कुलपति की शैक्षिक योग्यता होती थी कि वे शिक्षाविद हों लेकिन आज योग्यता है कि वे आरएसएस के पदाधिकारी हों।

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