नेशनल डेस्क: राम जन्मभूमि परिसर में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी गई है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और पूजा व्यवस्था के विस्तार को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर में जल्द ही करीब 50 नए पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती प्रक्रिया उप-मंदिरों में नियमित दर्शन शुरू होने से पहले पूरी होने की संभावना है, ताकि पूजा-अर्चना और दर्शन व्यवस्था बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित की जा सके।
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वर्तमान में राम मंदिर परिसर में कुल 20 पुजारी सेवाएं दे रहे हैं। ये पुजारी रामलला और राम दरबार के साथ-साथ शेषावतार, परकोटा क्षेत्र के छह मंदिरों, यज्ञमंडप, सप्त मंडपम और कुबेर टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आने वाले समय में जब राम मंदिर और राम दरबार के अलावा सात उप-मंदिरों में भी नियमित दर्शन शुरू होंगे, तो मौजूदा पुजारियों पर कार्यभार काफी बढ़ जाएगा।
इसी कारण ट्रस्ट की ओर से अतिरिक्त पुजारियों की आवश्यकता महसूस की गई है। जानकारी के अनुसार, उप-मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा। सुबह और शाम की दोनों पालियों को मिलाकर इन मंदिरों के लिए लगभग 42 पुजारियों की जरूरत होगी, जो प्रतिदिन आठ घंटे या उससे अधिक समय तक ड्यूटी कर सकें। इसके अलावा सप्त मंडपम और कुबेर टीला क्षेत्र में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक पूजा-अर्चना के लिए अलग से आठ पुजारियों की आवश्यकता होगी। इस तरह कुल मिलाकर कम से कम 50 नए पुजारियों की तत्काल नियुक्ति जरूरी मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया के दौरान ऐसे पुजारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो वैदिक परंपराओं में निपुण हों और राम मंदिर की धार्मिक मर्यादाओं व परंपराओं की गहरी समझ रखते हों। नियुक्ति के बाद सभी पुजारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग-अलग मंदिरों और पूजा स्थलों पर तैनात किया जाएगा। नई भर्तियों के पूरा होने के बाद राम जन्मभूमि परिसर में पूजा-अर्चना और दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित व सुचारु बनाया जा सकेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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