Last Updated: November 5, 2026

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सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर लगाई रोक, गलती मानते हुए मांगी माफी

February 26, 2026

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर लगाई रोक, गलती मानते हुए मांगी माफी

नेशनल डेस्क: क्लास 8 की सोशल साइंस की नई किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े संदर्भ पर उठे विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के कड़ा रुख अपनाने पर नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने बड़ा फैसला लिया है। काउंसिल ने किताब के वितरण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है और इसे निर्णय में हुई गलती बताते हुए माफी मांगी है।

बुधवार देर शाम जारी प्रेस बयान में NCERT ने बताया कि 24 फरवरी को कक्षा 8 के लिए सामाजिक विज्ञान की पुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, खंड-II’ प्रकाशित की गई थी। इसके अध्याय 4 ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ में अनजाने में कुछ ऐसी सामग्री शामिल हो गई, जिसे अब अनुचित माना गया है। काउंसिल ने स्वीकार किया कि यह एक चूक थी।

NCERT ने अपने बयान में कहा कि वह न्यायपालिका का बेहद सम्मान करती है और उसे भारतीय संविधान तथा मौलिक अधिकारों का संरक्षक मानती है। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने या उसके अधिकारों पर सवाल उठाने का कोई इरादा नहीं था। यह गलती पूरी तरह से अनजाने में हुई है और इसके लिए खेद व्यक्त किया जाता है। काउंसिल ने यह भी दोहराया कि नई किताबों का उद्देश्य छात्रों में संवैधानिक समझ बढ़ाना, संस्थाओं के प्रति सम्मान विकसित करना और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी देना है।

किताब दोबारा लिखी जाएगी

NCERT ने बताया कि संबंधित अध्याय को अब विशेषज्ञों और उचित प्राधिकरण से सलाह लेकर दोबारा तैयार किया जाएगा। संशोधित संस्करण शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। तब तक मौजूदा संस्करण का वितरण पूरी तरह रोक दिया गया है। संस्था भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए अतिरिक्त सावधानी बरतेगी और शैक्षणिक सामग्री की समीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत करेगी।

क्या है पूरा मामला?

विवाद उस समय शुरू हुआ जब नई जारी की गई पुस्तक में एक हिस्सा ऐसा पाया गया, जिसमें न्यायपालिका के अंदर भ्रष्टाचार और अदालतों में लंबित मामलों पर चर्चा की गई थी। क्लास 8 की किताब में इस तरह की टिप्पणी पहली बार शामिल की गई थी। पहले के संस्करणों में मुख्य रूप से अदालतों की संरचना, उनकी भूमिका और आम लोगों को न्याय कैसे मिलता है, इन विषयों पर ध्यान दिया जाता था।

किताब में दिए गए इस नए संदर्भ को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया। इसके बाद NCERT ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वितरण रोकने और माफी मांगने का फैसला किया। फिलहाल संशोधित पाठ्य सामग्री आने तक यह अध्याय दोबारा तैयार किया जाएगा और अगले सत्र में ही छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।

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