नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी प्रमुख अधिकारियों और मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों के साथ उनकी चर्चा सकारात्मक और भरोसेमंद रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता ने नई सरकार पर भरोसा जताया है और सरकार भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार के तहत केंद्र और राज्य मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास के लिए काम करेंगे। पहली ही कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े छह महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई है।
सहयोग के लिए लोगों का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने राज्य के मतदाताओं, चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बलों, पुलिस अधिकारियों, चुनाव पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव कराने में सभी की अहम भूमिका रही। राजनीतिक संघर्ष और हिंसा के दौरान जिन 321 लोगों की जान गई थी, अगर उनके परिवार चाहें तो सरकार उन मामलों की जांच शुरू कराएगी। सरकार पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और हर संभव मदद देने का प्रयास करेगी।
ये भी पढ़ें: पंजाब में नगर निगम और काउंसिल चुनावों का ऐलान, 26 मई को होगी वोटिंग
सीमा सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं पर जोर
सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में बाड़ लगाने के लिए BSF को जमीन सौंपने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि यह काम अगले 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा राज्य में जल्द ही आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। केंद्र सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं, जैसे जन आरोग्य योजना भी पश्चिम बंगाल में लागू की जाएंगी।
सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों को राहत
कैबिनेट बैठक में युवाओं के हित में भी अहम फैसला लिया गया। सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। इससे उन उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा, जो उम्र सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
अधिकारियों की ट्रेनिंग पर भी फैसला
सरकार ने मुख्य सचिव को यह अधिकार दिया है कि वे पश्चिम बंगाल कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने के लिए जरूरी कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया था, लेकिन अब अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: नोएडा : Pizza बनाते समय थूकने का वीडियो वायरल, आरोपी गिरफ्तार
कैबिनेट के छह बड़े फैसले
1. राजनीतिक हिंसा और अत्याचार से प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सहायता दी जाएगी।
2. पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी।
3. BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 45 दिनों के भीतर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
4. राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने की मंजूरी दी गई।
5. शरणार्थियों और विस्थापित लोगों को भूमि अधिकार देने पर फैसला लिया गया।
6. IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में भेजा जाएगा।

