
System failure, mobile torch took care of life : पलवल। डिजिटल इंडिया’ और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच हकीकत की तस्वीर कुछ और है। जिला नागरिक अस्पताल में बिजली व्यवस्था ने ऐसा साथ छोड़ा कि डॉक्टरों को गर्भवती महिला का ऑपरेशन मोबाइल की टॉर्च से करना पड़ा। यह घटना न सिर्फ अस्पताल में व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के बड़े-बड़े दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
अस्पताल और व्यवस्था के लिए राहत की बात ये है कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन वायरल वीडियो ने सिस्टम की तैयारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस दौरान ऑपरेशन थिएटर की बिजली अचानक गुल हो गई। ऐसे में गंभीर बात ये रही कि जनरेटर और बैटरी बैकअप ने भी काम नहीं किया। ऐसे में डॉक्टरों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर ऑपरेशन पूरा किया। ऑपरेशन थिएटर जैसी संवेदनशील जगह पर बिजली चले जाने और बैकअप व्यवस्था के फेल होने से मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पलवल के नागरिक अस्पताल में रोजाना 2 से 3 हजार मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में हर महीने 25 से 30 ऑपरेशन किए जाते हैं। बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए वर्ष 2024 में अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 बेड कर दी गई थी। इसके बावजूद यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। अस्पताल की बिजली सप्लाई हॉटलाइन से जुड़ी होने के बावजूद बिजली कटौती की शिकायतें सामने आती हैं। इतना ही नहीं, बिजली जाने पर जनरेटर और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी कई बार विफल हो जाती हैं, जिससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में उप सिविल सर्जन डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आ गया है। ऑपरेशन थिएटर में बिजली क्यों गुल हुई और बैकअप सिस्टम क्यों काम नहीं कर पाया, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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