Last Updated: November 4, 2026

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तमिलनाडु अमोनिया गैस लीक हादसा: मरने वालों की हुई 10, 68 वर्करों का चल रहा इलाज

June 24, 2026

तमिलनाडु अमोनिया गैस लीक हादसा: मरने वालों की हुई 10, 68 वर्करों का चल रहा इलाज

नेशनल डेस्कः तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापालयम के पास सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के बुधवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, चेन्नई और आस-पास के इलाकों के अस्पतालों में 68 वर्करों का इलाज चल रहा है।

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यह लीक 21 जून को पेरियापालयम के पास कनिगईपैर-मंजंगरानाई में स्थित सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुई थी। रोजाना के काम के दौरान कई वर्कर जहरीली अमोनिया गैस के संपर्क में आ गए। कई कर्मचारियों को तुरंत सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद बड़े पैमाने पर इमरजेंसी कार्रवाई शुरू की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना से कुल 83 कर्मचारी प्रभावित हुए। इनमें से पांच ठीक होकर अस्पताल से जा चुके हैं, जबकि 68 का अभी भी इलाज चल रहा है। अस्पताल में भर्ती लोगों में से 17 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और 21 को ऑक्सीजन थेरेपी दी जा रही है। 30 अन्य कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। हादसे के बाद से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है।

गैस लीक वाली रात दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि अगले दिन तक मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। 23 जून को एक और मौत हुई और बुधवार को एक और, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई। प्रभावित कर्मचारियों में तमिलनाडु के कर्मचारियों के अलावा ओडिशा, असम, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के प्रवासी कर्मचारी भी शामिल हैं। ओडिशा में सबसे ज़्यादा प्रभावित कर्मचारी हैं; वहां अभी 33 लोगों का इलाज चल रहा है।

असम के 16 मरीज हैं, जबकि झारखंड के नौ मजदूरों का भी इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी 10 पीड़ित महिलाएं थीं। मरने वालों में से आठ ओडिशा की थीं और बाकी दो असम की थीं। घायल मजदूरों का इलाज वेल्स हॉस्पिटल, वेंकटेश्वर हॉस्पिटल, राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल और गवर्नमेंट स्टेनली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पांच शवों को पहले ही एयरलिफ्ट करके ओडिशा भेज दिया गया है, जबकि बाकी शवों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

तमिलनाडु सरकार ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित कर्मचारियों की मेडिकल निगरानी, ​​फैक्ट्री परिसर की पर्यावरणीय निगरानी और औद्योगिक सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। आपातकालीन चिकित्सा टीमें, पुलिस, अग्निशमन और बचाव कर्मी तथा जन स्वास्थ्य अधिकारी राहत और निगरानी के कामों में जुटे हुए हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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