Teacher accused of molesting a teacher : अंबाला। शहर के एक प्रतिष्ठित राजकीय शिक्षण संस्थान में महिला शिक्षिका से कथित छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और धमकी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने संस्थान के प्रिंसिपल, उसके भाई और तीन शिक्षकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, महिला के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज करा लिए गए हैं।
तीन माह से उत्पीड़न का आरोप
महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया कि पिछले तीन-चार महीनों से संस्थान में लगातार उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। शिकायत के अनुसार 11 जून की सुबह करीब 9.15 बजे एक शिक्षक ने संस्थान परिसर में उसका रास्ता रोक लिया। इसके बाद जब वह अपने पति के साथ शिकायत लेकर संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति के पास पहुंची तो वहां भी उसे राहत नहीं मिली। आरोप है कि समिति की महिला अध्यक्ष की मौजूदगी में समिति के एक पुरुष सदस्य ने उसकी शिकायत और अन्य दस्तावेज छीनने का प्रयास किया, जिससे वह भयभीत हो गई। शनिवार को महिला थाना पुलिस ने महिला शिक्षिका को साथ लेकर मौके का मुआयना भी किया। शिकायत में महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि संस्थान के कुछ शिक्षक लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखते थे।
शिकायत पर भी मिली धमकी
एक शिक्षक दिनभर उसकी कक्षा के आसपास घूमता रहता था और लगातार उसे घूरता था, जबकि दूसरा शिक्षक भी संस्थान आने पर उसके आसपास ही मंडराता रहता था। महिला शिक्षिका का आरोप है कि यह सब उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और दबाव में लेने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह शिकायत लेकर 15 जून को सेक्टर-9 थाना पहुंची तो वहां प्रिंसिपल और उसके भाई ने उसे धमकाया। अभद्र भाषा का प्रयोग किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रिंसिपल के भाई को थाने से बाहर भेजा गया। जांच टीम अब घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शिक्षिका का मीडिया के सामने बोलने से इनकार
इस इस मामले में महिला शिक्षिका से बातचीत का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस पूरे मामले में सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने और बताने से स्पष्ट इन्कार कर दिया। यह पहला मामला नहीं है। करीब एक वर्ष पहले अंबाला छावनी के एक अन्य राजकीय शिक्षण संस्थान के प्रिंसिपल पर दो महिला शिक्षिकाओं ने छेड़छाड़ और आपत्तिजनक वाट्सएप संदेश भेजने के आरोप लगाए थे। शिकायत महिला आयोग तक पहुंची और पुलिस ने मामला भी दर्ज किया, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद न आरोपित की गिरफ्तारी हुई और न ही विभागीय कार्रवाई पूरी हो सकी। ऐसे में नए मामले ने एक बार फिर सरकारी शिक्षण संस्थानों में महिला सुरक्षा, आंतरिक शिकायत समितियों की कार्यप्रणाली और शिकायतों की जांच की गति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला थाना प्रभारी सतविंद्र कौर का कहना है कि महिला शिक्षिका की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। पीड़िता के न्यायालय में बयान भी दर्ज कराए गए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
Also Read :

