Thalapathy Vijay : तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सियासी हलचल तेज़ होती जा रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है सुपरस्टार Thalapathy Vijay का राजनीति में उतरना। उन्होंने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (TVK) के जरिए 2026 के विधानसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया है। इस बीच राज्य की भाजपा इकाई के प्रमुख के. अन्नामलाई ने विजय को आड़े हाथों लिया है और गंभीर राजनीतिक चेतावनी दे डाली है।
“सिर्फ वीकेंड वाली राजनीति से नहीं बनेगी सरकार”
भाजपा नेता अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “विजय सिर्फ वीकेंड पर राजनीतिक रूप से सक्रिय होते हैं। राजनीति कोई फिल्म का सेट नहीं है जहां एक्टर सिर्फ शेड्यूल के हिसाब से आता हो। अगर TVK खुद को DMK का विकल्प मानती है, तो यह मज़ाक है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा के कार्यकर्ता 24×7 जनता के बीच हैं, और असली राजनीतिक विकल्प वही बनते हैं जो जमीनी हकीकत से जुड़े हों।
राजनीति को गंभीरता से लें – अन्नामलाई की दो टूक
अन्नामलाई ने साफ़ शब्दों में कहा कि राजनीति का मैदान आसान नहीं है। “राजनीति को ‘वीकेंड प्रोजेक्ट’ समझने वालों से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। यहां दिन-रात, त्याग और समर्पण जरूरी है।” उन्होंने विजय की पार्टी TVK को सलाह देते हुए कहा कि अगर वह वास्तव में बदलाव की ताकत बनना चाहती है, तो उसे हर दिन मैदान में रहकर जनता से जुड़ना होगा।
DMK के खिलाफ कौन बनेगा असली विकल्प?
वर्तमान सत्ताधारी पार्टी DMK के खिलाफ विपक्षी स्वर लगातार तेज़ हो रहे हैं। जहां AIADMK के के. पलानीस्वामी राज्यभर में सक्रिय रैलियां कर रहे हैं, वहीं भाजपा खुद को मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
अन्नामलाई का दावा:
“DMK के खिलाफ मजबूत विपक्ष सिर्फ भाजपा बन सकती है, क्योंकि हमारा नेटवर्क, जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं की निष्ठा सबसे मजबूत है।”
क्या विजय की स्टार पॉवर काफी होगी?
विजय की लोकप्रियता तमिल सिनेमा में निर्विवाद है, लेकिन क्या वही स्टार पॉवर राजनीति में भी वोटों में बदलेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ करिश्मा काफी नहीं, निरंतर जनसंपर्क, राजनीतिक समझ और संगठन निर्माण जरूरी होगा।

