‘Thara Foofa Zinda Hai’ Campaign Icon Dies at 106 : रोहतक। हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन कटने के विरोध में दूल्हा बनकर चर्चा में आए दादा दुलीचंद का निधन हो गया। 102 साल की उम्र में पेंशन कटने के मामले को लेकर शुरू हुआ ‘थारा फूफा है जिंदा’ अभियान उन्हें घर-घर में पहचान दिला गया था। 106 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को उनके पैतृक गांव गांधरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि शहर में चार साल पहले सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद की ओर से बुढ़ापा पेंशन कटने पर चलाए अभियान थारा फूफा है जिंदा के नायक रहे 106 साल के दादा दुलीचंद का देहांत हो गया है। उनका रविवार को पैतृक गांव गांधरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वे सांपला खंड में सबसे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग रहे। जांच के दौरान साल 2022 में बुढ़ापा पेंशन काट दी गई।
कई ऐसे बुजुगों की भी पेंशन काटी गई जो जिंदा थे। इसके विरोध में शहर में अनोखा प्रदर्शन किया गया था। उस समय 102 साल के दुलीचंद को दुल्हा बनाकर बरात निकाली गई। खुद दुलीचंद की भी पेंशन काट दी गई थी, जिसे प्रदर्शन के बाद चालू कर दिया गया। परिवार में दुलीचंद के छह बेटे और चार बेटियां हैं। 70 सदस्यीय परिवार में 40 के करीब पोत्र व पोत्री, दोहते व दोहतियां हैं।

