नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इस साल का बजट मजबूरी के कारण पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण था। उन्होंने कहा कि यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की ‘प्रबल इच्छा’ को रेखांकित करता है। मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य ‘बही खाता’ दस्तावेज तैयार करने की मानसिकता से नहीं बनाया गया, क्योंकि ‘यह हमारा दृष्टिकोण नहीं है।’
प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले लाल किले की प्राचीर से की गई ‘यही समय है, सही समय है’ घोषणा को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ‘अब समय आ गया है’ की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है। मोदी ने कहा, लेकिन आज यह भावना एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और समूचे समाज का संकल्प बन गई है। हमारे राष्ट्र में एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है। उन्होंने कहा, विभिन्न प्रकार की चुनौतियों के इस दौर में भी हमारे राष्ट्रीय चरित्र ने अपनी पहचान दिखाई है और हम कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी विकास का एक उज्जवल उदाहरण हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तय कर लिया है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और क्या यह ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाली स्थिति है, मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नए द्वार खोल रही है, जिसमें देश व्यापार और नवाचार में नई दिल्ली के साथ साङोदारी करने के लिए उत्सुक हैं।
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