Last Updated: October 4, 2026

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केंद्र सरकार ने चीनी के एक्सपोर्ट पर लगाई रोक, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

May 14, 2026

केंद्र सरकार ने चीनी के एक्सपोर्ट पर लगाई रोक, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

नेशनल डेस्क: भारत सरकार ने देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक लागू रहेगा।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, चीनी के कुछ विशेष ITC (HS) कोड के तहत आने वाले उत्पादों की एक्सपोर्ट नीति को ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी से बदलकर ‘निषिद्ध’ कर दिया गया है। इसमें कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी शामिल हैं।

किन मामलों में मिलेगी छूट

सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में चीनी निर्यात की अनुमति भी दी है। अधिसूचना में बताया गया है कि यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका को CXL तथा TRQ कोटे के तहत होने वाले निर्यात पर यह रोक लागू नहीं होगी। इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत होने वाले निर्यात और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सरकार-से-सरकार (G2G) समझौतों के अंतर्गत भेजी जाने वाली चीनी को भी अनुमति दी गई है।

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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिपमेंट्स की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है, उन्हें कुछ शर्तों के साथ निर्यात करने की अनुमति मिलेगी। जैसे अगर लोडिंग आदेश जारी होने से पहले शुरू हो चुकी थी। यदि शिपिंग बिल पहले ही जमा किया जा चुका था। जहाज पहले से भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुका था या लंगर डाल चुका था या फिर माल पहले ही कस्टम विभाग या संबंधित अधिकारियों को सौंपा जा चुका था।ऐसे मामलों में एक्सपोर्ट जारी रह सकेगा।

घरेलू बाजार में कीमतें काबू में रखने की कोशिश

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में गन्ने का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में फसल कमजोर रहने के कारण लगातार दूसरे साल चीनी उत्पादन, घरेलू खपत से कम रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो की स्थिति मानसून को प्रभावित कर सकती है, जिससे अगले सीजन की खेती और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से सरकार घरेलू बाजार में चीनी की कमी और कीमतों में तेजी को रोकना चाहती है।

भारत दुनिया के बड़े चीनी निर्यातकों में शामिल

ब्राजील के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी निर्यातक देशों में गिना जाता है। इससे पहले सरकार ने चीनी मिलों को 1.59 मिलियन मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी। जानकारी के मुताबिक, व्यापारियों ने लगभग 8 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए कॉन्ट्रैक्ट किए थे, जिनमें से 6 लाख टन से ज्यादा चीनी पहले ही विदेश भेजी जा चुकी है। सरकार के इस नए फैसले का असर घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय चीनी व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है।

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