नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली एक याचिका पर अपना फैसला वीरवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सोनिया का नाम उनके भारतीय नागरिक बनने से 3 साल पहले मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने कहा, ‘फैसला 11 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रखा जाता है।’ शिकायतकत्र्ता विकास त्रिपाठी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग ने कहा, ‘यहां एकमात्र मुद्दा यह है कि जनवरी 1980 में सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के रूप में जोड़ा गया था, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं थीं।’
उन्होंने कहा, ‘पहले आपको नागरिकता की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी आप किसी क्षेत्र के निवासी बनेंगे।’ नारंग ने कहा कि 1980 में निवास का प्रमाण संभवत: राशन कार्ड और पासपोर्ट था। उन्होंने कहा, ‘अगर वह नागरिक थीं, तो 1982 में उनका नाम क्यों हटाया गया? उस समय निर्वाचन आयोग ने 2 नाम हटाए थे, एक संजय गांधी का, जिनकी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, और दूसरा सोनिया गांधी का।’ नारंग ने कहा कि आयोग को जरूर कुछ गड़बड़ लगी होगी जिसके कारण उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया।
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