चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की 14वीं स्थाई समिति के 18वें सम्मेलन में थाईवान बहाली स्मृति दिवस स्थापित करने का फैसला पारित किया गया। चीन ने कानून के तरीके से 25 अक्तूबर को थाईवान बहाली स्मृति दिवस निर्धारित किया।
थाईवान बहाली की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीपीसी केंद्रीय समिति के थाईवान मामलों के कार्यालय, थाईवान देशभक्तों का अखिल-चीन संघ और चाइना मीडिया ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित छह-एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री “द लैंड रीगेन्स इट्स ग्लोरी: थाईवान बहाली की 80वीं वर्षगांठ की स्मृति” हाल में प्रसारित हुई।
80 साल पहले चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध की विजय हुई और थाईवान पर चीनी प्रभुसत्ता की बहाली हुई। थाईवान के लिए यह घर की वापसी ही नहीं, पुनर्जन्म भी था। चीन के लिए यह विजय ही नहीं, महिमा भी था। वहीं दुनिया के लिए यह न्याय ही नहीं, द्वितीय विश्व युद्ध की उपलब्धि और युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग भी था।
इस डॉक्यूमेंट्री में थाईवान की रक्षा में थाईवान वासियों के संघर्ष की प्रक्रिया दिखाई गई। उनके देशभक्तिपूर्ण कार्य और दुखद दृश्य चौंकाने वाला और मार्मिक थे। “थाईवान की स्थिति की अनिश्चितता” जैसे बेहुदा दलील के जवाब में डॉक्यूमेंट्री में पहली बार वर्ष 1943 के 1 दिसंबर को व्हाइट हाउस द्वारा जारी काहिरा घोषणापत्र के प्रेस विज्ञप्ति का मसौदा लीक हुआ, जो अमेरिकी राष्ट्रीय अभिलेखागार में संरक्षित है। इसके साथ वर्ष 1942 में “थाईवान के अंतर्राष्ट्रीय सह-प्रबंधन” के खिलाफ कोमिंगतांग पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संयुक्त रूप से की गई जनमत की लड़ाई और विजय पाने का मामला पेश किया गया।
इससे ठोस आंकड़ों और ऐतिहासिक तथ्यों से साबित हुआ है कि थाईवान की चीन में वापसी में कोई परिवर्तन या प्रश्न की अनुमति नहीं है। उन के अलावा हाल ही में, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के चीनी वैश्विक कार्यक्रम केंद्र के “क्रॉस-स्ट्रेट” कार्यक्रम द्वारा निर्मित पांच-एपिसोड की विशेष रिपोर्ट श्रृंखला “थाईवान द्वीप ने फिर से गौरव प्राप्त” का प्रसारण किया गया और इसे व्यापक प्रशंसा मिली।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

