नेशनल डेस्क: वृंदावन में बन रहा भव्य चंद्रोदय मंदिर अब लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इसका उद्घाटन होने की संभावना है। खबर है कि इस महीने के अंत तक नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर सकते हैं। मंदिर प्रबंधन ने प्रधानमंत्री को औपचारिक निमंत्रण भेज दिया है और उद्घाटन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

यह मंदिर वृंदावन-छटीकरा मार्ग पर स्थित अक्षय पात्र फाउंडेशन के परिसर में बनाया गया है। इसकी नींव 8 मार्च 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी, जबकि 16 नवंबर 2014 को उस समय के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने इसकी आधारशिला रखी थी। इस मंदिर का निर्माण इस्कॉन बंगलुरू द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 700 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लगभग 12 साल में यह 70 मंजिला मंदिर तैयार हुआ है।
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मंदिर की ऊंचाई करीब 210 मीटर बताई जा रही है, जो कि कुतुब मीनार से लगभग तीन गुना अधिक है। इतनी ऊंचाई के कारण इसकी नींव भी बेहद मजबूत बनाई गई है। मंदिर की नींव करीब 55 मीटर गहरी है, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा की 50 मीटर गहरी नींव से भी ज्यादा है। इस मंदिर की एक खास बात यह भी है कि इसकी ऊंचाई के कारण यहां लगाए जाने वाले टेलीस्कोप से ताजमहल को देखा जा सकेगा, जो यहां से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है।
मंदिर के शुरुआती तीन मंजिलों में चैतन्य महाप्रभु, राधा कृष्ण और बलराम के मंदिर बनाए गए हैं। पूरे परिसर को द्रविड़, नागर और आधुनिक वास्तुकला के मिश्रण से तैयार किया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु 4D तकनीक के जरिए देवताओं की लीलाओं का अनुभव भी कर सकेंगे। इसके अलावा मंदिर के आसपास प्राकृतिक माहौल तैयार किया गया है। यहां यमुना नदी का प्रतिरूप भी बनाया जा रहा है, जहां नौका विहार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में एक मंच भी तैयार किया जा रहा है, जहां से वे लोगों को संबोधित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि मई के आखिरी सप्ताह, यानी 25 से 30 तारीख के बीच उनका मथुरा दौरा हो सकता है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
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