केदारनाथ धाम : केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। देश के अलग-अलग राज्यों से रोजाना करीब 9 से 10 हजार भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कपाट बंद होने में अब 15 दिन बाकी हैं। ऐसे में अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद अगले 6 महीने तक बाबा केदार की पूजा ऊखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में होगी।
इस साल अब तक 18.27 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यह अब तक का नया रिकॉर्ड है। यात्रा के अंतिम चरण में भी भक्तों का उत्साह बना हुआ है। श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार 11 नवंबर भैयादूज के अवसर पर प्रात: 8.30 बजे बंद होंगे जबकि श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भी 11 नवंबर भैयादूज पर बंद होंगे वही श्री गंगोत्री धाम के कपाट गोर्वधन पूजा के अवसर पर 10 नवंबर मंगलवार को बंद होंगे।
दूसरी तरफ, चार धामों में एक चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर के कपाट आगामी 16 नवम्बर को रात्रि 9.37 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। इससे पूर्व गुरुवार 12 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू हो जाएंगी। 12 नवंबर गुरुवार को श्री गणेश जी का पूजन होगा तथा रात्रि को कपाट बंद होंगे।इस बीच, यमुनोत्री धाम में रविवार को मौसम की पहली बर्फबारी से मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह देखने को मिला। वहीं, तापमान में गिरावट के बीच केदारनाथ में भी बर्फबारी हुई। इसके साथ ही चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
यमुनोत्री में बर्फबारी देखकर तीर्थयात्री रोमांचित हो उठे। मां यमुना के दर्शन एवं पूजा अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने आसमान से गिरती बर्फ के बीच प्राकृतिक नजारों का आनंद भी लिया। यमुनोत्री धाम के कपाट 6 महीने के शीतकालीन प्रवास के लिए 11 नवंबर को भाई दूज के शुभ अवसर पर बंद कर दिए जाएंगे। सर्दियों के दौरान श्रद्धालु खरसाली स्थित यमुना मंदिर में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।

