नेशनल डेस्क: आज से संसद के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हो रही है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ की जाएगी। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति सरकार की अब तक की उपलब्धियों का उल्लेख करेंगी और आने वाले समय में सरकार की नीतियों, योजनाओं और प्राथमिकताओं का खाका पेश करेंगी।
इस बजट सत्र में कई नए प्रयोग देखने को मिलेंगे। देश के संसदीय इतिहास में पहली बार आम बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जिससे आम जनता और आर्थिक जगत को कई अहम फैसलों की उम्मीद है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। इस बार आर्थिक सर्वे आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है, जो अपने आप में एक अलग और नया कदम माना जा रहा है। आर्थिक सर्वे में देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत विवरण दिया जाएगा।
बजट से पहले नॉर्थ ब्लॉक में पारंपरिक ‘हलवा सेरेमनी’ का आयोजन किया गया। इस समारोह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। हलवा सेरेमनी को बजट तैयार करने की अंतिम और गोपनीय प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जिसके बाद बजट से जुड़े दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित कर दिए जाते हैं।
बजट सत्र को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाएगा। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस बीच संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों का विस्तार से अध्ययन और समीक्षा करेंगी।
इस बार 1 फरवरी को रविवार होने के कारण यह दिन खास बन गया है। संसद के इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है कि बजट रविवार को पेश किया जाए। सरकार ने इस दिन को आधिकारिक रूप से ‘बजट डे’ घोषित किया है। लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अर्थव्यवस्था, रोजगार, महंगाई और विकास से जुड़े बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है।

