नई दिल्ली: नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने एक महत्वपूर्ण पहल की। नमो भारत कॉरिडोर पर तैनाती से पहले उत्तर प्रदेश स्पैशल सिक्योरिटी फोर्स (यूपी एसएसएफ) के जवानों के लिए सीआईएसएफ द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। सीआईएसएफ ने यूपी एसएसएफ कर्मियों के लिए 6 दिवसीय एक्स-बीआईएस एवं सिक्योरिटी गैजेट हैंडलिंग कोर्स शुरू किया है।
इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों को तकनीकी और व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सीआईएसएफ यूनिट डीएमआरसी के ट्रेनिंग सेल कवच में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के पहले बैच में यूपी एसएसएफ के 40 जवान शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत एक्स-रे बैगेज इंस्पैक्शन सिस्टम (एक्स-बीआईएस), आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के संचालन, उनकी हैंडलिंग और रैपिड रेल नैटवर्क में संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के तरीकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीआईएसएफ, एनसीआरटीसी (नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) और डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि नमो भारत जैसे अत्याधुनिक रैपिड ट्रांजिट प्रोजैक्ट्स के लिए सुरक्षा बलों का पेशेवर और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है। सीआईएसएफ ने इस संबंध में एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि नमो भारत डिप्लॉयमेंट से पहले सीआईएसएफ ने यूपी एसएसएफ के लिए स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया। सीआईएसएफ ने नमो भारत कॉरिडोर पर डिप्लॉयमेंट से पहले यूपी एसएसएफ कर्मियों के लिए एक स्पेशलाइज्ड 6-दिवसीय एक्स-बीआईएस और सिक्योरिटी गैजेट हैंडलिंग कोर्स शुरू किया है।
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