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Haryana : सुरक्षा वापस पाने की कहानी, भाजपा नेता से रंगदारी मामले में खुलासा

The Story of Regaining Security

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करनाल। हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर दिवंगत चौधरी वेदपाल के बेटे और भाजपा नेता विजय पाल को मिली धमकी में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस का मानना है कि यह सुरक्षा वापस पाने के लिए किया गया था।

भाजपा नेता ने दी थी ये शिकायत

शुरुआती जांच में इस मामले को विदेशी नंबर से आई रंगदारी और जान से मारने की धमकी से जोड़कर देखा जा रहा था। अब पुलिस को इस मामले में साजिश नजर आने लगी है। पुलिस का मानना है कि सरकारी सुरक्षा दोबारा हासिल करने के उद्देश्य से पूरी कहानी रची गई हो सकती है। भाजपा नेता विजय पाल ने पुलिस को दी शिकायत दी कि उन्हें एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। उसने खुद को गैंग से जुड़ा बताते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है और रकम नहीं देने पर परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी है।

गैंगस्टर कनेक्शन पर चल रही थी जांच

धमकी की शिकायत देने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। विजय पाल के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले पर नजर रखी जाने लगी। दूसरी ओर पुलिस नेे मामले की तकनीकी जांच शुरू की और कॉल डिटेल सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की।
मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस लगातार हर एंगल से जांच कर रही थी। शुरू में इसे गैंगस्टर कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा था।

यहां से आया मामले में मोड़

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब मनोनीत पार्षद विशेष वर्मा पुलिस के पास पहुंचे। थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि विशेष वर्मा को इस मामले में गवाह थे। विशेष वर्मा ने बयान में बताया कि वह घटना के समय विजय पाल के पास बैठे थे। विजय पाल ने यह भी कहा कि थोड़ी देर में पाकिस्तान के नंबर से कॉल आएगी और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है।
विशेष वर्मा के अनुसार कुछ ही देर बाद कॉल आई और सामने वाले व्यक्ति ने धमकी देना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि विजय पाल को पहले से कॉल आने की जानकारी थी। इसके बाद में उन्हें पूरे मामले पर शक हुआ।

सिक्योरिटी दोबारा पाने के लिए रचा गया प्लान

थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि पुलिस की गहन जांच और तकनीकी विश्लेषण में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित धमकी की कहानी सुरक्षा दोबारा हासिल करने के उद्देश्य से तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले में जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान शिकायतकर्ता पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को एक कथित साजिश के तौर पर जांच रही है। थाना प्रभारी रामलाल ने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कॉल किस माध्यम से करवाई गई।

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