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1 लाख करोड़ रु पए का अर्बन चैलेंज फंड हमारे शहरों के रूपांतरण और उन्हें विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने में गेम चेंजर होगा : उपराज्यपाल

September 26, 2025

1 लाख करोड़ रु पए का अर्बन चैलेंज फंड हमारे शहरों के रूपांतरण और उन्हें विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने में गेम चेंजर होगा : उपराज्यपाल

श्रीनगर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 1 लाख करोड़ रु पए का अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund) हमारे शहरों के रूपांतरण और उन्हें विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने में गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश के 300 शहरों के पुर्नविकास की पहल नवाचार को बढ़ावा देगी, मजबूत अवसंरचना तैयार करेगी, जीवन की सुगमता में सुधार करेगी और शहरी नियोजन में स्थिरता को एकीकृत करेगी। उपराज्यपाल ने यह बात ऑल इंडिया फोरम ऑफ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ की गवर्निंग काउंसिल बैठक में संबोधित करते हुए कही। उपराज्यपाल ने जोर दिया कि इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने और समय पर परियोजनाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘‘पूरे शासन‘‘ दृष्टिकोण जीरो टॉलरेंस के साथ अपनाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट अधिनियम 2016 द्वारा लाई गई पारिदर्शता, जवाबदेही और दक्षता को घर खरीदारों के हितों की रक्षा करनी चाहिए और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र आवश्यक है ताकि इस क्षेत्र को एक अधिक विनियमित और कुशल उद्योग में बदला जा सके।’’ उपराज्यपाल ने रियल एस्टेट सेक्टर की जटिलताओं, इसकी चुनौतियों, संभावनाओं और अवसरों पर भी चर्चा की और निजी खिलाडियों व डेवलपर्स से किफायती आवास को बढ़ावा देने में अधिक सक्रि य भूमिका निभाने का आह्वान किया। मैं यह भी चाहता हूँ कि यह क्षेत्र और अधिक प्रतिस्पर्धी बने ताकि विकास को प्रोत्साहन मिले। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवासीय विनियमों में समानता और सामंजस्य होना चाहिए।’’ उपराज्यपाल ने हाउिसंग प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले श्रमिकों के परिवारों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे घर का निर्माण कर रहे हैं उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि एआईएफओआरईआरए को नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल जैसे डेवलपर समूहों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित न किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और खरीदारों के लिए जागरूकता अभियानों पर भी बल दिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने एआईएफओआरईआरए की जर्नल और वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 का विमोचन भी किया। चेयरमैन एआईएफओआरईआरए आनंद कुमार, चेयरमैन जेकेआरईआरए सतीश चंद्रा, आयुक्त सचिव आवास एवं शहरी विकास विभाग मनीदीप कौर, विभिन्न रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी इस गवर्निंग काउंसिल बैठक के उद्घाटन सत्र में उपस्थित थे।

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