हांसी। यहां के चानौत गांव में पीने के पानी की समस्या पर चल रहा प्रदर्शन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदर्शन के 22वें दिन ग्रामीणों ने एक बड़ा फैसला लिया कि अगर सरकार 8 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती तो वे 9 जून से आमरण अनशन शुरू करेंगे।
51 बच्चे भी धरने में शामिल
इस आंदोलन को समर्थन देते हुए 51 बच्चे भी विरोध जताने के लिए धरने में शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर हुई एक सभा में हजारों ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य पाइपलाइन से गांव में पीने के पानी की सप्लाई की अपनी मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि चानौत में पीने के पानी का संकट लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन सरकार या प्रशासन ने अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला है।
22 दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हांसी शहर को पानी सप्लाई करने वाली मुख्य पाइपलाइन से चानौत गांव को पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया, तो वे 9 जून को एक बड़ी महापंचायत करेंगे और आमरण अनशन शुरू करेंगे। प्रदर्शन समिति के सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण पिछले 22 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद, सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन के रवैये ने ग्रामीणों को आमरण अनशन जैसे कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
सरकार और प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके नतीजों के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
Also Read :-

