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Haryana News : 11 से 13 मई तक आंधी और बूंदाबांदी के आसार

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अंबाला। प्रदेश और एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मई माह की शुरुआत से लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना है।

सामान्य से कम रहेगा तापमान

आंधी, अंधड़, हल्की बारिश और बूंदाबांदी के चलते दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे बने हुए हैं, जिससे भीषण गर्मी और लू से लोगों को राहत मिली हुई है। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 10 मई की रात्रि से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 11 से 13 मई के दौरान हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।

तेज गति से चलेगी हवा

साथ ही हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, टीन शेड और कच्चे छप्परों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है। डॉ. चंद्रमोहन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम सबसे ज्यादा उग्र रह सकता है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आसमानी बिजली गिरने की आशंका है।

गिरेगा अधिकतम और न्यूनतम पारा

अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की कमी आ सकती है। तेज हवाओं और गरज-चमक के पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस समय खेतों में चल रहे कृषि कार्यों को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब बिजली कड़क रही हो, तो किसान भाई पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे छप्पर के नीचे बिल्कुल न रुकें। तेज आंधी के कारण फसलों और छप्परों को नुकसान हो सकता है, इसलिए पशुओं और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर लेना ही समझदारी है। आने वाले तीन दिन आमजन के लिए भी सावधानी बरतने वाले हैं, खासकर सफर के दौरान पेड़ गिरने या विजिबिलिटी कम होने का खतरा बना रहेगा।

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