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राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले पर सियासत तेज, TMC सांसद सागरिका घोष ने बीजेपी पर साधा निशाना

sagarika ghose

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नेशनल डेस्क: राम मंदिर में चढ़ावे के धन के दुरुपयोग के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आज गंभीर सवालों के घेरे में है।

सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या का राम मंदिर लंबे समय से बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राजनीति का प्रमुख प्रतीक रहा है। अब उसी मंदिर में कथित भ्रष्टाचार और चढ़ावे की चोरी जैसे आरोप सामने आना बेहद चिंताजनक है, जिस आंदोलन ने लोगों की आस्था और भगवान राम के सम्मान की बात की थी, उसी से जुड़े मंदिर में अब वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं। इससे बीजेपी की नैतिक और राजनीतिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।, जनता की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। बीजेपी का असली उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना और राजनीतिक फायदा उठाना था।

 

 

आरोपियों के घरों पर पुलिस की कार्रवाई

दूसरी ओर मामले की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सबूत जुटाने और जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई, जांच के दौरान पुलिस ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव सहित अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी मनीष यादव के घर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

आज कोर्ट में पेश होंगे आरोपी

इससे पहले अयोध्या की अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को उन्हें फिर अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ के लिए उनकी रिमांड की मांग कर सकती है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, ये सभी कर्मचारी राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान और अन्य कीमती वस्तुओं की गिनती तथा रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इन्हीं कर्मचारियों पर चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और गबन करने का आरोप है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

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