Today weather 15 July 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी तीव्रता सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहेगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई महीने में देशभर में औसत से कम वर्षा दर्ज होने की संभावना है। अनुमान है कि इस महीने कुल बारिश सामान्य स्तर (LPA) के 94 प्रतिशत से भी कम रह सकती है। इसके साथ ही कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने की आशंका है।
ये भी पढ़ें- आज का राशिफल: किस राशि को मिलेगी सफलता और किसे रहना होगा सावधान
उत्तर भारत में हल्की बारिश, पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में रहेगा मानसून का जोर
पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से ओडिशा के लिए 14 और 15 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
असम, मेघालय और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कई इलाकों में जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
पश्चिमी भारत में बारिश की रफ्तार धीमी
महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिलहाल मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। मुंबई में महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज होने के बाद अब बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 17 जुलाई के बाद एक बार फिर वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। गुजरात और राजस्थान में फिलहाल केवल छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि व्यापक स्तर पर बारिश की उम्मीद कम है।
ये भी पढ़ें- Today Hukamnama 15 July 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी
दक्षिण भारत में 17 जुलाई के बाद बढ़ सकती है बारिश
दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मानसून कमजोर बना हुआ है। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई के बाद दक्षिण भारत में मानसून दोबारा सक्रिय होगा। केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मध्य भारत में उमस और छिटपुट भारी बारिश
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। इसके साथ ही तापमान सामान्य से अधिक रहने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

