Today Weather 26 July 2025 : जुलाई के अंतिम सप्ताह में मॉनसून ने उत्तर भारत में दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। बादलों की तेज हलचल और बिखरी बूँदों ने कई राज्यों में मौसम को पूरी तरह से बदल दिया है। जहां एक ओर तपती गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर उमस, जलभराव और भारी बारिश की चेतावनियों ने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में मौसम के मिजाज ने करवट ली है, और लोगों को दिनभर बदलते आसमान के साथ तालमेल बिठाना पड़ रहा है।
दिल्ली में चिपचिपी गर्मी से बेहाल लोग
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज मौसम के मिलेजुले तेवर देखने को मिल सकते हैं। सुबह से ही आसमान में बादल मंडरा रहे हैं और दिनभर रुक-रुक कर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। तापमान न्यूनतम 28°C और अधिकतम 36°C के करीब रह सकता है। हालांकि बारिश से तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन बढ़ी हुई नमी और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे सड़कों पर फिसलन और ट्रैफिक जाम की समस्या भी उभर सकती है।
यूपी और बिहार में बादलों की धमक, रफ्तार में आया मॉनसून
उत्तर प्रदेश और बिहार में मॉनसून सक्रिय हो चुका है और इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। पूर्वी यूपी और बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। बिहार में दिन का तापमान 29 से 36°C के बीच बना रहेगा। कुछ शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्थान में बरसात का अलर्ट, पूर्वी जिलों पर नजर
राजस्थान में भी मॉनसून ने दोबारा दस्तक दी है। खासकर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि 26 जुलाई से अगले कुछ दिनों तक जयपुर, कोटा, भरतपुर और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। यहां तापमान 27°C से 36°C के बीच रह सकता है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में बारिश की संभावना कम है, लेकिन कुछ स्थानों पर बादलों की हल्की फुहारें राहत दे सकती हैं।
राहत के साथ सावधानी भी जरूरी
बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं इससे जुड़े खतरे भी नजर आने लगे हैं। जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली गिरने की घटनाएं और बीमारियों के फैलने का खतरा भी इस मौसम में बढ़ गया है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और सतर्क रहना जरूरी है।

