नई दिल्लीः भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। गणतंत्र दिवस की यह परेड भारत की लोकतांत्रिक शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय गौरव को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी।
गणतंत्र दिवस परेड को लेकर दिल्ली में कड़े ट्रैफिक नियम
गणतंत्र दिवस परेड को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में विशेष ट्रैफिक इंतजाम और प्रतिबंध लागू किए हैं। कई प्रमुख सड़कों पर यातायात सीमित रहेगा और कुछ इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर रोक भी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे परेड के दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
#WATCH दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस परेड से पहले कर्तव्य पथ पर तैयारियां जारी हैं। pic.twitter.com/IvOB2us5jz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 26, 2026
गणतंत्र दिवस पर 40 देशों के बौद्ध भिक्षु होंगे विशेष अतिथि
इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा की खास झलक देखने को मिलेगी। दिल्ली में 24 और 25 जनवरी को आयोजित ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल हुए 40 देशों के बौद्ध भिक्षु और भिक्षुणियां 26 जनवरी की परेड में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह दो दिवसीय सम्मेलन इंटरनेशनल बौद्ध कन्फेडरेशन (IBC) और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था। सम्मेलन की थीम थी – ‘साझा बुद्धिमत्ता, एकजुट आवाज और सहयोगपूर्ण सह-अस्तित्व’। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति, करुणा, सामाजिक सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाना था।
IBC के सचिव जनरल वेन शार्त्से खेनसुर रिनपोचे जांगचुप चोडेन ने कहा कि भारत गणतंत्र दिवस पर अपनी ताकत दिखाएगा, लेकिन साथ ही बुद्ध धर्म के संदेश के जरिए दुनिया को शांति और करुणा का मार्ग भी दिखाएगा। इस सम्मेलन में 800 से ज्यादा प्रतिनिधि और 200 से अधिक विदेशी प्रतिभागी शामिल हुए।
10,000 विशेष अतिथियों के लिए खास आयोजन
इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 10,000 विशेष अतिथि शामिल होंगे। इनमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोग शामिल हैं, जैसे– वैज्ञानिक, खिलाड़ी, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, कारीगर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, जनजातीय प्रतिनिधि, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी परेड के बाद इन अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य ऐतिहासिक स्थलों का विशेष भ्रमण भी आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को भारत की इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
30 झांकियों में दिखेगी देश की सांस्कृतिक विविधता
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। ये झांकियां भारत की राष्ट्रीय चेतना, संस्कृति और परंपराओं को दर्शाएंगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इनमें –
-17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां
-13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां शामिल होंगी।
झांकियों की थीम: वंदे मातरम् और आत्मनिर्भर भारत
इस साल झांकियों की दो मुख्य थीमें होंगी –
-‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’
-‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’
इन झांकियों के जरिए वंदे मातरम् के 150 वर्ष, भारत की सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की भावना को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ थीम होगी मुख्य आकर्षण
गणतंत्र दिवस 2026 की खास थीम रखी गई है – ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’। यह थीम राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और देशभक्ति की भावना को उजागर करती है। यह गीत महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है और इस साल की परेड, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण रहेगा।
‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’ झांकी में दिखेगी सेना की वीरता
इस बार परेड में एक खास झांकी होगी – ‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’, जो देश के पूर्व सैनिकों और उनके बलिदान को समर्पित है।
-अमर जवान ज्योति
-ऐतिहासिक युद्ध उपकरणों के 3-डी मॉडल
-दिखाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं –
-टी-55 और विजयंत टैंक
-मिग-21, मिराज और जगुआर विमान
-आईएनएस मैसूर और आईएनएस राजपूत यह झांकी भारत की सैन्य शक्ति, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी।

