Today’s Weather 21 Dec 2025: उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बदलते मौसम का सीधा असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर देखने को मिल रहा है।
कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी, चिल्ले कलां की शुरुआत
कश्मीर घाटी में इस सर्दी की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है और इसके साथ ही आज से ‘चिल्लई कलां’ की शुरुआत हो गई है। यह सर्दी का सबसे कठिन 40 दिन का दौर माना जाता है, जो 30 जनवरी तक रहेगा। इस अवधि में तापमान अक्सर शून्य से नीचे चला जाता है और कई इलाकों में नदियां व जलस्रोत जमने लगते हैं।
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स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने बर्फ हटाने वाली मशीनें तैनात कर दी हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी लगातार हिमपात हो रहा है, जबकि उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला कुछ दिन और जारी रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में ठंड का कहर, रेड अलर्ट जारी
भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक शीतलहर और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
कानपुर और बरेली जैसे शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। तापमान की बात करें तो बुलंदशहर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लखीमपुर खीरी में पारा 8 डिग्री और बाराबंकी में 8.5 डिग्री तक पहुंचा। वाराणसी में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर सबसे कम दर्ज किया गया।
दिल्ली में सीजन की सबसे सर्द सुबह, शीतलहर की घोषणा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग ने आधिकारिक रूप से शीतलहर घोषित कर दी है। नियमों के अनुसार, मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंचने पर शीतलहर मानी जाती है।
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घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर पड़ा। आईजीआई एयरपोर्ट पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण ‘लो विजिबिलिटी प्रोसीजर’ लागू करना पड़ा। इसके चलते 138 उड़ानें रद कर दी गईं और 700 से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हुईं। कई विमानों को जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे वैकल्पिक हवाई अड्डों पर उतारा गया।
रेल और सड़क यातायात भी अस्त-व्यस्त
कोहरे की वजह से दिल्ली आने वाली 70 से अधिक ट्रेनें दो घंटे से ज्यादा देरी से पहुंचीं। राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी समय पर नहीं चल सकीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में सर्दी चरम पर पहुंच गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा और शीतलहर का यह दौर जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

