Last Updated: September 25, 2026

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कल देशभर में SIR की तारीखों का ऐलान होगा, पहले चरण में 10 से 15 राज्य में होगा रिवीजन

October 26, 2025

कल देशभर में SIR की तारीखों का ऐलान होगा, पहले चरण में 10 से 15 राज्य में होगा रिवीजन

नेशनल डेस्क। चुनाव आयोग सोमवार शाम एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की घोषणा की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी के तहत उठाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग की ओर से यह बताया जाएगा कि पहले चरण में किन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू होगी और इसे कैसे पूरा किया जाएगा।

 

क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मकसद मतदाता सूची को सही और अद्यतन करना है। इस प्रक्रिया में कई अहम काम किए जाएंगे

  • मतदाताओं के नामों की जांच
  • पुराने या गलत नामों को सुधारना
  • नए मतदाताओं को शामिल करना
  • दोहराए गए या गलत नाम हटाना

चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी ताकि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान से वंचित न रह जाए।

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पहले चरण में किन राज्यों में होगी शुरुआत
हालांकि अभी पूरी जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती चरण में 10 से 15 राज्यों में यह काम शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में वे राज्य शामिल होंगे जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।

-तमिलनाडु

-पश्चिम बंगाल

-केरल

-असम

-पुद्दुचेरी

-इन राज्यों में मतदाता सूची की पूरी जांच और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

 

क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR से मतदाता सूची की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी अधिकारियों की टीम जाकर रिकॉर्ड की जांच करेगी।इस पहल से नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जाएगा। गलत रिकॉर्ड सुधारे जाएंगे। मतदान प्रक्रिया और ज्यादा भरोसेमंद बनेगी। यह कदम भारतीय लोकतंत्र को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

 

आगामी चुनावों पर असर
SIR पूरी होने के बाद मतदाता सूची ज्यादा सटीक और त्रुटिरहित हो जाएगी। इससे 2026 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी। आयोग का लक्ष्य है कि हर पात्र मतदाता को वोट देने का मौका मिले। सूची में किसी भी प्रकार की गलती न रहे। इससे चुनाव प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष, विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगी।

 

पश्चिम बंगाल में नई तैयारियां
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में SIR शुरू होने से पहले चुनाव आयोग स्वयंसेवकों की नियुक्ति करने की योजना बना रहा है। ये स्वयंसेवक बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की मदद करेंगे और जरूरत पड़ने पर उनके स्थान पर भी काम कर सकेंगे। इन स्वयंसेवकों को प्रत्येक ब्लॉक में सरकारी कर्मचारियों में से चुना जाएगा। मुख्य रूप से उन्हें उन पोलिंग स्टेशनों पर लगाया जाएगा जहां 1200 से अधिक मतदाता हैं। पश्चिम बंगाल में पोलिंग बूथों की संख्या मौजूदा 80,000 से बढ़ाकर लगभग 94,000 की जा सकती है। यानी करीब 14,000 नए बूथ जुड़ेंगे। इसके लिए जिलों के ब्लॉक विकास अधिकारियों ने स्कूल इंस्पेक्टरों को पत्र भेजकर स्थायी शिक्षकों, क्लर्कों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की सूची मांगी है जिन्हें स्वयंसेवक के रूप में लगाया जा सकता है। इनकी सूची और संपर्क नंबर 29 अक्तूबर तक जमा करने होंगे।

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