नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली को यातायात जाम से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,790 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत दिल्ली में अत्याधुनिक बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) लागू की जाएगी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न यातायात गलियारों में 1,092 स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे।
पूरी परियोजना 24 महीने में तीन चरणों में लागू की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 1,529 यातायात सिग्नल निर्धारित समय के आधार पर संचालित होते हैं। किसी चौराहे पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर ये सिग्नल स्वतः अपने समय में बदलाव नहीं कर सकते। नई व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से वाहनों की संख्या और यातायात के दबाव के अनुसार सिग्नल का समय स्वतः निर्धारित होगा। इससे यातायात जाम कम करने और वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
तीन चरणों में लागू होगी परियोजना
परियोजना के पहले चरण में 12 महीने के भीतर पांच यातायात गलियारों में 250 स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्य नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा। दूसरे चरण में अगले छह महीनों के दौरान सात गलियारों में 222 स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे और आपदा की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जाएगी। तीसरे चरण में छह महीने के भीतर 30 गलियारों में 620 स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद पांच वर्षों तक इसका रखरखाव किया जाएगा।

