पोर्ट ऑफ स्पेन: भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी समकक्ष कमला प्रसाद बिसेसर के बीच वार्ता के बाद बुनियादी ढांचे और औषधि समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने कृषि, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल परिवर्तन, एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई), क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा की। शनिवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत को अपना पूर्ण समर्थन देने की पुष्टि की है।
वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करते मोदी और बिसेसर ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार भी शामिल है ताकि वर्तमान वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित किया जा सके। संयुक्त वक्तव्य में कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक संघर्षों को स्वीकार करते दोनों नेताओं ने बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ने का रास्ता बताया। इस बात पर भी सहमति बनी कि भारत 2027-28 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो की उम्मीदवारी का समर्थन करेगा तथा यह द्वीपीय राष्ट्र 2028-29 की अवधि के लिए नई दिल्ली की दावेदारी का समर्थन करेगा।
विदेश मंत्रलय ने कहा कि प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद और टोबैगो की ऐतिहासिक यात्र से दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों को बढ़ावा मिला है। मोदी 5 देशों की यात्र के दूसरे चरण में वीरवार को पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। यह 1999 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद एवं टोबैगो की पहली द्विपक्षीय यात्र है। विदेश मंत्रलय ने कहा कि मोदी और बिसेसर ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के बीच अधिक एकजुटता के लिए मिलकर काम करने तथा ‘भारत-कैरिकॉम’ साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

