नई दिल्ली : अमरीका में ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति को और सख्त करते हुए उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की है, जिन पर प्रशासन द्वारा वामपंथी आतंकवादी संगठनों या उनसे जुड़े समूहों का समर्थन करने का आरोप है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब अमरीकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मंत्रीस्तरीय बैठक की शुरुआत की। बैठक का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक आतंकवाद के दोबारा उभरते खतरे से निपटने के लिए वैश्विक समन्वय को मजबूत करना बताया गया।
अमरीकी विदेश विभाग के एक बयान के अनुसार, नई नीति के तहत उन विदेशी नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन या उन्हें उकसाया हो, हिंसक आपराधिक गतिविधियों का समर्थन किया हो अथवा प्रशासन द्वारा वामपंथी आतंकवादी करार दिए गए समूहों और उनसे जुड़े संगठनों के लिए वित्तपोषण, भर्ती या लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई हो। इसके अलावा हिंसक गतिविधियों के उद्देश्य से ऐसे नैटवर्कों के समन्वय में सहायता करने वालों को भी इस दायरे में रखा जाएगा।
रुबियो ने कहा कि आतंकवादी, हिंसक और आपराधिक वामपंथी नैटवर्कों को वित्तपोषण, भर्ती, उकसाने या अन्य प्रकार की सहायता देने वाले विदेशी नागरिकों को अमरीका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति से उन वीजा मार्गों को बंद किया जा सकेगा, जिनका इस्तेमाल ऐसे संगठन अमरीकी नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने, आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने और अमरीकी भूमि पर हिंसक गतिविधियों के समन्वय के लिए कर सकते हैं। यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नैशनलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत की जा रही है।

