नेशनल डेस्कः केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों और देश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही, तीन बड़ी योजनाओं के लिए कुल 2,79,157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब गेहूं का MSP बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
छह प्रमुख रबी फसलों के MSP की सिफारिश
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) ने छह प्रमुख रबी फसलों के लिए MSP की सिफारिश की है।
गेहूं: अनुमानित उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। सरकार के अनुसार, यह उत्पादन लागत पर 106 प्रतिशत का मार्जिन है।
सरसों/रेपसीड: उत्पादन लागत 3,367 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले MSP 6,613 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह लागत पर 96 प्रतिशत का मार्जिन है।
मसूर: उत्पादन लागत 3,854 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले MSP 7,390 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। इससे लागत पर 92 प्रतिशत का मार्जिन बनता है।
चना: उत्पादन लागत 3,751 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले MSP 5,958 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत पर 59 प्रतिशत का मार्जिन है।
जौ: उत्पादन लागत 1,447 रुपये प्रति क्विंटल है और MSP 2,286 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। यह लागत पर 58 प्रतिशत का मार्जिन है।
कुसुम: उत्पादन लागत 4,810 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले MSP 7,215 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार के अनुसार, यह लागत पर 50 प्रतिशत का मार्जिन है।
पीएम धारा योजना को भी मंजूरी
कैबिनेट ने पीएम धारा (Developing Harmonized and Accelerated Renewable Energy Access) योजना के लिए भी 1,86,405 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य देश में नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने के लिए 1,790 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस सिस्टम का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में यातायात प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
किसानों को क्या फायदा होगा?
रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के बाद यह 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार का कहना है कि MSP में यह वृद्धि किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेगी। इसके साथ ही रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, इन फैसलों से रबी फसलों की कीमतों को लेकर किसानों को समर्थन मिलेगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

