Last Updated: October 18, 2026

Dainik Savera Times Logo

इलाहाबाद HC से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगाई रोक

March 25, 2026

इलाहाबाद HC से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगाई रोक

नेशनल डेस्कः शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि को यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जियां मंजूर कर लीं और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

ये भी पढ़ें :-

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शिकायतकर्ता और अर्जी देने वाले दोनों को ही मीडिया को इंटरव्यू देने से भी रोक दिया है। इस मामले की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी, और कोर्ट ने 27 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अब अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने दोनों आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी।

गिरफ्तारी से बचने के लिए अर्जी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपना आदेश जारी किया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और संबंधित एजेंसियां इस मामले को आगे बढ़ाएंगी।

ये है पूरा मामला

बता दें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य पर नाबालिगों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। प्रयागराज की एक विशेष POCSO कोर्ट ने पुलिस को उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आश्रम से जुड़े कुछ नाबालिग बच्चों का यौन उत्पीड़न किया गया है। कथित नाबालिग पीड़ितों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए, और कुछ सबूत भी पेश किए गए, जिसके बाद कोर्ट ने FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।

FIR और जांच

इसके बाद प्रयागराज के झूंसी पुलिस थाने में एक FIR दर्ज की गई, और जांच शुरू कर दी गई। यह भी आरोप है कि पिछले एक साल में दो लोगों का यौन उत्पीड़न किया गया है। इस मामले की जाँच भारतीय दंड संहिता (IPC) और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत की जा रही है।

ये भी पढ़ें :-

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें