Last Updated: October 30, 2026

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CM योगी ने वाराणसी की कीमत पर गोरखपुर सीट बचाई: अखिलेश यादव

October 30, 2026

CM योगी ने वाराणसी की कीमत पर गोरखपुर सीट बचाई: अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन इसकी कीमत भाजपा को वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटें गंवाकर चुकानी पड़ी।

उत्तर प्रदेश में हाल ही में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। भाजपा को वाराणसी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। सपा मुख्यालय में विधान परिषद चुनाव में पार्टी समर्थित विजेताओं और अन्य उम्मीदवारों से मुलाकात के बाद अखिलेश ने आरोप लगाया कि आदित्यनाथ ने अन्य क्षेत्रों में भाजपा की संभावनाओं की बजाय अपने राजनीतिक गढ़ गोरखपुर को बचाने को प्राथमिकता दी।

अखिलेश ने कहा, ”मुख्यमंत्री अपनी शतरंज की चालें अलग-अलग दिशाओं में चल रहे थे। नतीजा यह निकला कि मानो वे कह रहे हों, ‘काशी भले ही डूब जाए, लेकिन हमारा गोरखपुर का काम नहीं रुकना चाहिए।’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी को जीतने नहीं दिया गया।

भाजपा छोड़कर हाल ही में सपा में शामिल हुए और इस सीट पर तीसरे स्थान पर रहे संजयन त्रिपाठी भी बैठक में मौजूद थे। वह मंच पर अखिलेश के बगल में बैठे थे। त्रिपाठी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उनकी हार सुनिश्चित करने के लिए काम किया। वाराणसी क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, ”जो डबल इंजन और कई इंजनों की बात करते थे, उन्हें इस बार वाराणसी के मतदाताओं ने डबल जीरो दे दिया है।” अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने छह सीटें छल से जीतीं, जबकि उनकी पार्टी की पांच सीटों पर जीत जनसमर्थन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ”भाजपा अगर ऐसी चालें नहीं चलती तो शायद छह सीटें भी नहीं जीत पाती।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कागज पर भले ही यह पांच सीटें दिख रही हों, लेकिन वास्तव में यह 55 जिलों के बराबर हैं। उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करने और मतदान तथा मतगणना के दौरान उम्मीदवारों के साथ खड़े रहने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से 60,358 वोटों के अंतर से जीतने वाले मान सिंह यादव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मान सिंह यादव ने पिछली बार की तुलना में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है।

सपा प्रमुख ने लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित कांति सिंह और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले आकाश अग्रवाल का भी जिक्र किया और कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया। अखिलेश ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले लाल बिहारी यादव और वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित आशुतोष सिन्हा की भी तारीफ की। भाजपा को पांच सीटों पर हार से बड़ा झटका लगने का दावा करते हुए अखिलेश ने कहा, ”भले ही उन्होंने केवल पांच सीटें गंवाई हों, लेकिन वे 50 शहरों और 50 जिलों में हारे हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया के संचालन से मतदाताओं के बीच भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा, ”परिणाम सबके सामने है। यह तो बस शुरुआत है। इसी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ हम पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ताकत को मजबूत करेंगे और सामाजिक न्याय स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे।” बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि लोगों की आवाज दबाई न जाए। योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ”अब मुख्यमंत्री को सोचना होगा कि उन्हें एक्सप्रेसवे से सफर करना चाहिए या ट्रेन में अपनी सीट बुक करानी चाहिए।” अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को ”फ्लॉप शो” करार दिया।

 

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