नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बढ़ गई है। मंगलवार को नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी 8 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) की ओर से राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। अगर नामांकन वापस लेने तक कोई नया उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: The 8 candidates fielded by the BJP for the upcoming Rajya Sabha elections from Uttar Pradesh filed their nomination papers at the Vidhan Bhavan in Lucknow.
UP CM Yogi Adityanath was also present with them. https://t.co/PKC3rigoBT
— ANI (@ANI) October 6, 2026
BJP के 8 उम्मीदवारों ने किया नामांकन
BJP के आठों उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के सामने नामांकन दाखिल किया।
इन उम्मीदवारों में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। BJP ने OBC, SC, ब्राह्मण और क्षत्रिय वर्ग से उम्मीदवार उतारकर जातीय संतुलन बनाने की कोशिश की है।
• धर्मपाल सिंह — OBC, लोध समुदाय
• प्रकाश पाल — OBC, पाल समुदाय
• श्रुति गंगवार — OBC, कुर्मी समुदाय
• विद्यासागर सोनकर — अनुसूचित जाति
• प्रियंका रावत — अनुसूचित जाति
• राधाकांत ओझा — ब्राह्मण
• गोपी कृष्ण पांडे — ब्राह्मण
• राम प्रताप सिंह चौहान — क्षत्रिय
सभी उम्मीदवारों ने नामांकन के दो-दो सेट जमा किए
निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के मुताबिक BJP के सभी आठ उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के दो-दो सेट दाखिल किए हैं। हर सेट में प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों के हस्ताक्षर भी लगाए गए हैं। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा BJP के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
SP की तरफ से राम गोपाल यादव और नाथवानी मैदान में
राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
हालांकि, कुछ समय से चर्चा थी कि समाजवादी पार्टी चुनाव को मुकाबले में बदलने के लिए अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतार सकती है। अगर SP तीसरा उम्मीदवार उतारती तो चुनाव में मुकाबला होने की स्थिति बन सकती थी।
अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार पर साफ किया रुख
तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्थिति साफ कर दी। अखिलेश यादव ने लिखा, “अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है।” इस बयान को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। अखिलेश यादव इस समय दिल्ली में हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
ब्रजेश पाठक बोले- सपा ने 2027 में हार मान ली
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्थिति साफ है और सपा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है। BJP का कहना है कि राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला सपा की राजनीतिक स्थिति को दिखाता है। BJP ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की BJP के आठ उम्मीदवारों की सूची में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को जगह दी गई है। इनमें OBC और अनुसूचित जाति के साथ-साथ ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय को भी प्रतिनिधित्व मिला है।इसके अलावा दो महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया गया है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन में जातीय समीकरण के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है।
प्रकाश पाल ने SP पर साधा निशाना
नामांकन दाखिल करने के बाद BJP के उम्मीदवार प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े राजनीतिक मुद्दे पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि BJP के उम्मीदवारों का चयन दिखाता है कि भाजपा ही वास्तव में PDA वर्ग का सम्मान करती है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA के मुद्दे को भी निशाना बनाया और कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी।
धर्मपाल सिंह को मौका, हरदीप पुरी का टिकट कटा
राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद यह भी साफ हुआ कि BJP ने उत्तर प्रदेश से धर्मपाल सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम इस बार उत्तर प्रदेश की BJP उम्मीदवार सूची में नहीं है। पहले उनके राज्यसभा कार्यकाल को लेकर चर्चा थी, लेकिन पार्टी की ओर से जारी आठ उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम नहीं रखा गया।
अब निर्विरोध चुनाव की संभावना
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने का मंगलवार को आखिरी दिन था। BJP के 8 और SP की ओर से 2 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में अगर अंतिम समय में कोई नया उम्मीदवार नामांकन नहीं करता या किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं होता, तो सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। इस स्थिति में उत्तर प्रदेश की इन 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

