नेशनल डेस्क: देश में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कौशांबी इलाके से पकड़े गए कई लोगों के तार विदेशी खुफिया एजेंसियों से जुड़े पाए गए हैं। अब इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में पता चला कि इस जासूसी गिरोह से जुड़े लोगों के 53 बैंक खातों में विदेश से करीब 1.27 करोड़ रुपये भेजे गए। ये खाते पंजाब, पश्चिम बंगाल और बिहार में हैं। सबसे ज्यादा पैसा बिहार के भागलपुर के एक खाते में आया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरे से ट्रेनों की करीब 8 घंटे की रिकॉर्डिंग बनाकर पाकिस्तान और अन्य देशों में भेजी गई। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
इस नेटवर्क के लिंक पाकिस्तान, यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक मिले हैं। पहले इस केस की जांच स्थानीय पुलिस और SIT कर रही थी, लेकिन अब इसकी गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया है।
अब तक गाजियाबाद और हापुड़ से 29 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 6 नाबालिग भी शामिल हैं। 14 मार्च को कुछ मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह पूरा मामला सामने आया।
जांच में पता चला कि गिरोह का एक सदस्य 2023 में सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करता था। इन्हीं पोस्ट को देखकर अन्य लोग उससे जुड़े। बाद में उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया और पाकिस्तान से निर्देश मिलने लगे।
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