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‘इंडिया ब्लॉक की रैली फ्लॉप,’ डिप्टी सीएम का तंज- राहुल गांधी ‘नकली’ पीएम, अखिलेश यादव ‘नकली’ सीएम बन सकते हैं

Keshav Prasad Maurya

Keshav Prasad Maurya

लखनऊ: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘इंडिया’ गठबंधन के ‘चलो दिल्ली’ मार्च को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों को जुटाने का अपना लक्ष्य हासिल करने में विफल रहा और रैली में बहुत कम लोग पहुंचे। हालांकि, विपक्ष ने मौर्य पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपने करियर और पार्टी के भीतर अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों को इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वहां केवल दस हजार लोग ही पहुंचे। पूरा कार्यक्रम फ्लॉप साबित हुआ और जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को गिराने की साजिशों को खारिज कर दिया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता केवल शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों के ‘नकली’ दावेदार ही बन सकते हैं, और असल पदों तक पहुंचने में इन्हें 30 साल लग जाएंगे।

मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी एक ‘नकली’ प्रधानमंत्री और अखिलेश यादव एक ‘नकली’ मुख्यमंत्री बन सकते हैं, लेकिन वे असली नहीं बन सकते। इन दोनों को इन पदों तक पहुंचने में 30 साल लगेंगे। जब तक ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक कांग्रेस-सपा सत्ता में नहीं आएगी और भाजपा सत्ता से बाहर नहीं जाएगी। भाजपा ही भारत और उत्तर प्रदेश का वर्तमान और भविष्य है। समाजवादी पार्टी ने उपमुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के बजाय, उत्तर प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में खुद को स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर चल रही आंतरिक राजनीति के कारण मौर्य को हाशिए पर धकेल दिया गया है। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मौर्य उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख नेता हैं, लेकिन सत्ताधारी दल के भीतर चल रही आंतरिक राजनीति की वजह से उन्हें किनारे कर दिया गया है।

वर्मा ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के एक बहुत अच्छे नेता हैं, लेकिन भाजपा की आंतरिक राजनीति के कारण उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया है। मुझे उनके प्रति सहानुभूति है क्योंकि वे हाल के चुनावों में जीत नहीं पाए हैं। उन्हें इस चुनाव को जीतने पर ध्यान देना चाहिए, न कि ‘शैडो प्रधानमंत्री’ या ‘शैडो मुख्यमंत्री’ बनने जैसी चर्चाओं में उलझना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को कम से कम यह तो कहना चाहिए कि वही पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। दुर्भाग्य से पिछले 10 वर्षों में केशव के साथ जैसा बर्ताव किया गया है, खासकर भाजपा के भीतर एक पीडीए नेता के रूप में, वह शर्मनाक है।

 

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