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उमाशंकर सिंह का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

umashankar singh

यूपी डेस्कः उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और आम नागरिक पहुंचे।

बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह 55 वर्ष के थे। गुरुवार रात उनका पार्थिव शरीर नगरा थाना क्षेत्र के खनवर गांव स्थित उनके पैतृक घर लाया गया।

खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
शुक्रवार को मौसम खराब था और हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी। इसके बावजूद उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ जुटी। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक संगठनों के लोग और आम नागरिक भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा शुक्रवार शाम जिला मुख्यालय के पास स्थित श्री रामपुर घाट पहुंची।

गंगा किनारे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
श्री रामपुर घाट पर गंगा नदी के तट पर उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

कई नेताओं ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
उमाशंकर सिंह के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हंसू राम, पूर्व मंत्री नारद राय और भाजपा के जिला अध्यक्ष संजय मिश्र समेत कई नेताओं ने उनके परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने वालों में अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा से जुड़े लोग भी शामिल रहे। इससे यह संदेश गया कि उनके निधन से सभी राजनीतिक दलों के लोग दुखी हैं।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह हुए भावुक
अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह भी पहुंचे। वह उमाशंकर सिंह के समधी हैं। इस दौरान वह बेहद भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह के इलाज के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूरी मदद करने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ने अमेरिका तक उनके इलाज की व्यवस्था कराने में अपनी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी उमाशंकर सिंह के स्वास्थ्य और इलाज को लेकर लगातार संपर्क में रहा। बेहतर इलाज कैसे हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए गए।

मायावती के बयान का भी किया जिक्र
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह के इलाज के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा प्रमुख मायावती के बयान में इन प्रयासों के लिए धन्यवाद का भाव दिखाई दिया। उमाशंकर सिंह के निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी। उनके अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

बोले- एक दिन छोटा बेटा बड़ा उमाशंकर बनेगा
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह के निधन से किसी एक राजनीतिक दल को ही नहीं, बल्कि सभी दलों के लोगों को दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह को केवल एक पार्टी या राजनीतिक विचारधारा तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अलग पहचान बनाई थी। यही वजह है कि उनके निधन पर अलग-अलग दलों के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। दिनेश प्रताप सिंह ने भावुक होकर कहा कि उमाशंकर सिंह का छोटा बेटा एक दिन बड़ा उमाशंकर बनेगा। उनके इस बयान के दौरान माहौल काफी भावुक हो गया।

बुधवार रात हुआ था निधन
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हुआ था। इसके बाद गुरुवार रात उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खनवर लाया गया। शुक्रवार को अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। श्री रामपुर घाट पर गंगा नदी के किनारे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

उमाशंकर सिंह के निधन के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक के रूप में उनकी भूमिका का भी अंत हो गया। उनके निधन से बलिया समेत पूरे प्रदेश में उनके समर्थकों और परिचितों में शोक का माहौल है।

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