नई दिल्ली : नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। हंगामे की वजह से दोनों सदनों की बैठकें 2-2 बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गईं। मानसून सत्र के दूसरे दिन भी दोनों सदनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके, न ही अन्य कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज हो पाया।
लोकसभा की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगें उठाते हुए शोर-शराबा करने लगे। बिरला ने आसन के पास नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। उधर राज्यसभा में भी ऐसा ही नजारा दिखा। सुबह 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उनके जन्म दिन पर शुभकामनाएं दीं तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना की।
सभापति ने सदन को सूचित किया कि मनोनीत सदस्य पीटी ऊषा ने ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल का नेतृत्व करने के दायित्व को पूरा करने के मकसद से इस सत्र में 20 जुलाई से चार अगस्त तक अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है। सदन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी। बाद में खरगे ने कुछ कहना चाहा और सभापति ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी। खरगे ने कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया जो उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उनकी बात पूरी भी नहीं हो सकी कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर विपक्षी सदस्यों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। 2 बार के स्थगन के बाद कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। सदन में हंगामा थमते न देख उप-सभापति ने महज एक मिनट के भीतर ही बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

