Site icon Dainik Savera Times

जंतर-मंतर पर लाइब्रेरी बनाने पर हंगामा, दीपके का छात्रों से मारपीट का आरोप

Students protest at Jantar Mantar; Abhijit Dipke and Sonam Wangchuk participate

Students protest at Jantar Mantar; Abhijit Dipke and Sonam Wangchuk participate

Uproar over building A Library at Jantar Mantar : नई दिल्ली। जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लाइब्रेरी बनाने पर विवाद हो गया। आंदोलन के दौरान एक फ्री लाइब्रेरी बनाई है। प्रदर्शनकारियों ने अपने निजी संग्रह से लगभग 100 किताबें इकट्ठा कर वहां एक खुला पुस्तकालय बनाया, जिसे वे शिक्षा और जागरूकता का प्रतीक बता रहे हैं। इस पर विवाद हो गया।

ये है विवाद का कारण

विवाद का कारण लाइब्रेरी से ज्यादा उससे जुड़े आंदोलन और प्रदर्शन हैं। समर्थकों का कहना है कि यह छात्रों के बीच पढ़ने-लिखने और शिक्षा के मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देने का एक शांतिपूर्ण प्रयास है। वहीं आलोचकों का आरोप है कि जंतर-मंतर को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाकर प्रतीकात्मक कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार विवाद किसी बड़े स्थायी निर्माण या स्मारक क्षेत्र में भवन बनाने के लिए नहीं, बल्कि आंदोलन स्थल पर बनाई इस प्रतीकात्मक फ्री लाइब्रेरी और उससे जुड़े छात्र आंदोलन से है।

ये हैं अभिजीत दीपके के आरोप

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी है। इस दौरान पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं। दीपके का कहना है कि छात्रों के लाइब्रेरी सेट करने पर पुलिस ने उन्हें मारा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन का आज 13वां दिन है। इस दौरान CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर जंतर-मंतर पर लाइब्रेरी बनाने के लिए दो छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं। (uproar-over-building-a-library-at-jantar-mantar)

ACP को तुरंत सस्पेंड करने की मांग

दीपके ने एक्स पर लिखा कि ACP अजय शर्मा और उनकी टीम ने किताबें फेंक दीं, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह पर लिखी किताबें भी थीं और लाइब्रेरी बनाने पर स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की। हम छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह का अपमान करने के लिए ACP अजय शर्मा को तुरंत सस्पेंड करने की मांग करते हैं। CJP फाउंडर ने आगे पोस्ट में छात्रों के शरीर पर चोट के निशान दिखाए और पूछा ये लड़के बस चाहते थे कि लोग प्रोटेस्ट वाली जगह पर किताबें पढ़ें। पुलिस ने उनके साथ मारपीट क्यों की?

बिगड़ रही वांगचुक की तबीयत

बता दें कि मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं। भूख हड़ताल की वजह से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। वांगचुक की भूख हड़ताल का आज गुरुवार को पांचवां दिन है। मेडिकल जांच में पता चला है कि भूखे रहने की वजह से उनका ब्लड शुगर लेवल गिर रहा है। उनका ब्लड प्रेशर भी काफी कम हो रहा है। इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस आंदोलन को और तेज करने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने आंदोलनकारियों से फीडबैक लेने के लिए जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोचों के साथ चाय पे चर्चा’ का आयोजन किया।  (uproar-over-building-a-library-at-jantar-mantar)

दीपके बोले- वांगचुक को कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार’

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए लिखा, ‘सोनम वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही है। उनका शुगर लेवल 60 तक गिर गया है और ब्लड प्रेशर भी बहुत कम है। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी।’ इसके साथ ही दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया।

छात्रों की हालत भी नाजुक, अनशन जारी

जंतर-मंतर पर सिर्फ सोनम वांगचुक ही नहीं, बल्कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के 6 छात्र भी अलग मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इन छात्रों की सेहत भी तेजी से गिर रही है। आइसा के मुताबिक, JNUSU के संयुक्त सचिव दानिश का ब्लड शुगर लेवल घटकर 61 mg/dL हो गया है। वहीं, डॉक्टरों ने दो प्रदर्शनकारी छात्रों, आमीन और दीपक कुमार वर्मा को तुरंत अनशन खत्म करने की सलाह दी है।

आंदोलन को मिल रहा नेताओं का समर्थन

इस आंदोलन को देश के कई बड़े राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी आज प्रदर्शनकारियों के लिए एकजुटता जताने जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। इससे पहले भी कई दिग्गज नेता यहां आ चुके हैं। इनमें CPI-M महासचिव एम ए बेबी, वरिष्ठ नेता वृंदा करात, CPI महासचिव डी राजा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, CPI नेता एनी राजा, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज और TMC सांसद सागरिका घोष शामिल हैं। (uproar-over-building-a-library-at-jantar-mantar)

Also Read :

Exit mobile version