
अंबाला। हरियाणा में गेहूं की धीमी उठान और भुगतान में देरी के लिए किसान और आढ़ती लामबंद हो रहे हैं। उनकी मांग है कि पंजाब की तर्ज पर ‘जे-फॉर्म’ कटते ही भुगतान हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर 20 अप्रैल को प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में तालाबंदी करेंगे। हरियाणा में गेहूं खरीद प्रक्रिया के लिए किसानों और आढ़तियों में नाराजगी है। वे पंजाब की तरह जे-फार्म आधारित पेमेंट सिस्टम लागू करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में हरियाणा में उठान के 72 घंटे बाद ही किसानों को भुगतान होता है, लेकिन उठान की धीमी गति के कारण भुगतान अटक रहा है।
किसान और अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार ने खरीद पोर्टल प्राइवेट एजेंसी को ठेके पर दे रखा है। इस पोर्टल में बार-बार गड़बड़ी हो रही है, जिससे गेहूं की खरीद और उठान प्रभावित हो रहा है। मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन सरकारी एजेंसियां समय पर अनाज नहीं उठा रही हैं। इससे किसानों के बैंक खातों में पेमेंट नहीं पहुंच पा रही है। आढ़तियों का कहना है कि किसानों को फसल बेचने के लिए बार-बार अंगूठा लगवाना और आंखों की स्कैनिंग कराना व्यावहारिक नहीं है। ये प्रक्रियाएं खरीद को जटिल बना रही हैं। पोर्टल ठीक से न चलने के कारण आढ़ती भी परेशान हैं।
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