
नई दिल्लीः NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में लगातार विवाद जारी है। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गर्म है। इस बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष को संसद में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इस गंभीर मामले पर खुलकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह अपनी सुविधा के अनुसार चर्चा की तारीख और समय तय कर ले। सरकार का उद्देश्य इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना है ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो और छात्रों का भरोसा बना रहे। जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि अगर विपक्ष के पास कोई अच्छा सुझाव है तो सरकार उसे भी अपनाने के लिए तैयार है। उनके अनुसार छात्रों का भविष्य देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस मामले पर राजनीति करने के बजाय मिलकर समाधान निकालना जरूरी है।
विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम
सरकार की ओर से चर्चा का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद विपक्ष अपने रुख पर कायम है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक इस मुद्दे पर निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं है। गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसद लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते रहे, जबकि सरकार ने साफ कर दिया कि विपक्ष के दबाव या जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों के आधार पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया जाएगा।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाधान निकालने की बजाय छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
संसद में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
बुधवार को भी संसद में NEET पेपर लीक मामले को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ न्याय होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
खरगे बोले- पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष चर्चा चाहती है तो सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। खरगे का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है।
किरेन रिजिजू ने कहा- बिना शर्त चर्चा में आए विपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सरकार कई दिनों से इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बिना किसी शर्त के संसद में चर्चा करनी चाहिए। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है और केवल हंगामा करके संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ” आज हमने उम्मीद किया था कि हम NEET पेपर लीक पर चर्चा करेंगे। कल हमने विपक्ष के नेताओं से बातचीत किया, कांग्रेस पार्टी से भी किया और सबने कहा कि एक रास्ता ढूंढते हैं लेकिन बाद में जाते-जाते उन्होंने फिर से शर्त… pic.twitter.com/0cuRzNJnOe
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026
प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन में हुईं शामिल
संसद परिसर के मकर द्वार पर I.N.D.I.A. गठबंधन के सांसदों ने NEET पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। वहीं दूसरी ओर एनडीए के सांसदों ने भी संसद परिसर में अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और अपने-अपने समर्थन में नारेबाजी करते रहे। मानसून सत्र के दौरान यह टकराव लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
#WATCH दिल्ली: कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और दूसरे लोग पार्लियामेंट कैंपस के अंदर मकर द्वार पर INDIA गठबंधन प्रदर्शन में शामिल हुए। pic.twitter.com/2FnivYBBtm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
NEET पेपर लीक को लेकर हुए भारी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। राज्यसभा में लगातार शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसी तरह लोकसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
Amid heavy sloganeering and protests by the Opposition, the proceedings of the Lok Sabha were adjourned till 12:00 noon today. #loksabha @LokSabhaSectt @loksabhaspeaker pic.twitter.com/LDkL8BFQxd
— SansadTV (@sansad_tv) July 23, 2026
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर टीएमसी ने दी ये प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने की घोषणा पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी पहले यह देखेगी कि इस फैसले पर छात्रों की क्या प्रतिक्रिया है। उन्होंने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के मानसून सत्र से निलंबन का भी विरोध किया और कहा कि पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष से उनका निलंबन वापस लेने की मांग की है।
खरगे बोले- केवल घोषणाओं से नहीं बनेगी बात
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री की फास्ट-ट्रैक कोर्ट संबंधी घोषणा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है। खरगे ने कहा कि देश के छात्रों को केवल घोषणाएं या आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि ऐसी ठोस व्यवस्था चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक न हो और छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा मिल सके।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
फिलहाल NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। एक तरफ सरकार संसद में चर्चा कर समाधान निकालने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ी चिंता लाखों छात्रों के भविष्य की है, जो चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बने तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर हमेशा के लिए रोक लगाई जाए।
मेष: दिन शुभ रहेगा...