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चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने चीन समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अमेरिका की धारा 301 के तहत शुरू की गई जांच पर प्रतिक्रिया दी

US Section 301 investigations against 16 economies including China

US Section 301 investigations against 16 economies including China

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा “अतिरिक्त क्षमता” के बहाने से चीन समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ धारा 301 के तहत जांच शुरू करने की घोषणा के संबंध में पत्रकार के सवाल का जवाब दिया। 

एक पत्रकार ने पूछा कि 11 मार्च को स्थानीय समयानुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने घोषणा की कि वह “अतिरिक्त क्षमता” के बहाने से चीन समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ धारा 301 के तहत जांच शुरू कर रहा है। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है? इस प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने इस बात पर ध्यान दिया है। धारा 301 के तहत जांच एकतरफा कार्रवाई का विशिष्ट उदाहरण है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर करती है। विश्व व्यापार संगठन(डब्ल्यूटीओ) के विशेषज्ञों ने पहले ही यह फैसला किया है कि धारा 301 के तहत की गई जांच के अनुसार उठाये गए शुल्क कदम डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन करते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के तथाकथित “अतिरिक्त क्षमता” के संबंध में, चीन ने बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है। विश्व अर्थव्यवस्था लंबे समय से एक अविभाज्य इकाई रही है। उत्पादन और उपभोग वैश्विक हैं, जिसके लिए वैश्विक परिप्रेक्ष्य में आपूर्ति और मांग का मिलान और समायोजन आवश्यक है। यदि प्रत्येक देश का उत्पादन केवल घरेलू बाजार की मांग को पूरा करता है, तो सीमा पार व्यापार संभव नहीं होगा। अमेरिका घरेलू मांग से अधिक उत्पादन क्षमता को संकीर्ण रूप से “अतिरिक्त क्षमता” के रूप में परिभाषित नहीं कर सकता और इसे इस प्रकार लेबल नहीं कर सकता।

अमेरिका को धारा 301 के तहत जांच करके अपने व्यापारिक साझेदारों की “अतिरिक्त क्षमता” का निर्धारण करने और एकतरफा प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने का कोई अधिकार नहीं है। चीन ने ध्यान दिया है कि अमेरिका ने “जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध न लगाने” के बहाने से चीन सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ फिर से धारा 301 के तहत जांच शुरू की है। चीन वर्तमान में एक विश्लेषण और मूल्यांकन कर रहा है।

चीन अमेरिका से आग्रह करता है कि वह अपनी गलत प्रथाओं को सुधारे और संवाद एवं परामर्श के माध्यम से मुद्दों को हल करने के सही मार्ग पर वापस लौटे। चीन स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगा और अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

उधर, प्रवक्ता ने यह भी बताया कि चीन और अमेरिका दोनों पक्षों की सहमति के अनुसार, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी उप प्रधानमंत्री ह लिफेंग 14 से 17 मार्च तक एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अमेरिकी पक्ष के साथ व्यापार परामर्श करने के लिए फ्रांस  जाएंगे। दोनों पक्ष बुसान शिखर सम्मेलन और उसके बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच फोन पर हुई वार्ता में बनी महत्वपूर्ण सहमतियों के मार्गदर्शन में आपसी हित के व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर परामर्श करेंगे। 

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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