नई दिल्ली: अमरीका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए उसे हथियार देने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत स्थित अमरीकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने अमरीकी वॉर मैमोरियल के हवाले से शुक्रवार को इस मामले में एक बयान भी जारी किया। वॉर मैमोरियल की ओर से जारी बयान के अनुसार पाकिस्तान से जुड़े अमरीकी विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) अनुबंध में हाल ही में एक संशोधन किया गया है, जिसमें मध्यम दूरी पर हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एएमआरएएएम) की आपूर्ति शामिल नहीं है। अमरीका की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि जो भी संशोधन किए गए हैं, वह केवल रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट तक ही सीमित है।
अपने बयान में, अमरीका ने इस तरह की खबरों को झूठा बताया और स्पष्ट किया कि अनुबंध संशोधन का कोई भी हिस्सा पाकिस्तान को नई एएमआरएएएम की आपूर्ति के लिए नहीं है। इसमें पाकिस्तान की किसी भी मौजूदा क्षमता को अपग्रेड करना शामिल नहीं है। बता दें, कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात पर जोर-शोर से चर्चा हो रही थी कि 30 सितंबर को अमरीकी युद्ध विभाग द्वारा जारी अनुबंध घोषणा के तहत इस्लामाबाद को नवनिर्मित एएमआरएएएम की पूर्ति की जाएगी। कई मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि अमरीका पाकिस्तान को अनुबंध संशोधन के तहत हथियार देगा।
दरअसल, 30 सितंबर को अमरीका वॉर मैमोरियल ने मानक अनुबंध घोषणाओं की एक लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए रखरखाव और पुजरे के लिए मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में संशोधन का जिक्र किया गया। इसके बाद से ही ये अटकलें लगनी शुरू हो गई। कई सूत्रों के अनुसार, इस अनुबंध में एएमआरएएएम सी8 और डी3 वैरिएंट के उत्पादन के लिए पहले से स्वीकृत रेथियॉन परियोजना (एफए8675-23-सी-0037) में संशोधन शामिल था। अपने स्पष्टीकरण में, अमरीका ने जोर देकर कहा कि अनुबंध संशोधन नई हथियार प्रणालियों का हस्तांतरण नहीं है। बल्कि, यह पाकिस्तान के पास पहले से मौजूद हथियारों, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव से संबंधित है।
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