
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब बल प्रयोग से नहीं दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए उनका संदेश साफ है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी बल प्रयोग के खिलाफ है और इसका समर्थन नहीं करती।
राहुल गांधी का यह बयान रांची में सोमवार को हुए ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आया है। यह मार्च JPSC-JSSC सुधार मोर्चा की ओर से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित किया गया था।प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता रवींद्र पासवान ने छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। पासवान के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शन को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्र अपने मूल मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल करीब 90 प्रतिशत छात्र शांतिपूर्ण थे। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि पुलिस ने छात्रों को देखते हुए काफी संयम बरता और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने की मांग कर रहे हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस मार्च में शामिल हुए। वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच, भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है। मामले में छात्रों की मांगों, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
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