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उत्तराखंड में बादल फटने से मची तबाही, रुद्रप्रयाग और चमोली में जनजीवन अस्त-व्यस्त

Uttarakhand Cloudburst

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Uttarakhand Cloudburst : उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में मूसलधार बारिश और बादल फटने के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र और चमोली के देवाल क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। चमोली में बादल फटने से दो लोग लापता हो गए हैं, जबकि रुद्रप्रयाग में मलबे के कारण कई परिवारों के फंसे होने की खबरें सामने आ रही हैं।

चमोली में बादल फटने से मलबा गिरा
चमोली के देवाल क्षेत्र में कालेश्वर के पास पहाड़ से भारी मलबा गिरा, जो लोगों के घरों तक पहुंच गया। जेसीबी मशीनों की मदद से स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, बारिश की रफ्तार और मलबे के कारण राहत कार्यों में रुकावटें आ रही हैं।

चमोली जिले के ज्योर्तिमठ, देवाल, नारायण बगड, थराली, नन्दा नगर, कर्ण प्रयाग, गैरसैंण और दशोली क्षेत्रों में तेज बारिश जारी है, जिसके कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। इन इलाकों में बारिश के चलते नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर लिखा, “जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं, आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।”

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश से बुरी स्थिति
रुद्रप्रयाग जिले में भी देर रात से हो रही मूसलधार बारिश के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग गौरीकुंड, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश और बद्रीनाथ कई स्थानों पर बंद हो गए हैं। जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रही है, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और मलबा सड़कों पर बिखर गया है।

राहत कार्य तेज, प्रशासन सतर्क
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तत्काल प्रभाव से घटनास्थल पर भेजा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है।

उत्तराखंड सरकार ने आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है और लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित लोगों के लिए शरण स्थल बनाने के निर्देश दिए हैं और फिलहाल राहत कार्यों में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

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